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चंपारण में DIG हरकिशोर राय का 'ऑपरेशन क्लीन'

लोकल डेस्क, एन. के. सिंह।

भ्रष्ट पुलिसकर्मियों और अपराधियों के साम्राज्य पर चलेगा कानून का हंटर। बरसों से पेंडिंग केसों के त्वरित निपटारे और प्रभावी अनुसंधान के लिए जिला पुलिस को मिला कड़ा अल्टीमेटम।

पूर्वी चंपारण: चंपारण रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) हरकिशोर राय ने गुरुवार को चकिया अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कार्यालय के वार्षिक निरीक्षण के दौरान जो तेवर दिखाए, उससे अपराधियों और लापरवाह पुलिसकर्मियों के बीच हड़कंप मच गया है। डीआईजी ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि अब चंपारण की धरती पर न तो भ्रष्टाचार पनपेगा और न ही अपराधियों का गुंडागर्द कायम रहेगा। उन्होंने साफ किया कि जनता की सुरक्षा और न्याय प्रक्रिया में बाधा डालने वालों की अब खैर नहीं है।

भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार, 'वर्दी' पर दाग बर्दाश्त नहीं

निरीक्षण के दौरान डीआईजी हरकिशोर राय ने पुलिस फाइलों और पंजियों की बारीकी से पड़ताल की। उन्होंने अधिकारियों को दो-टूक शब्दों में कहा कि चंपारण पुलिस अब 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम करेगी। यदि कोई भी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाता है या किसी कांड के अनुसंधान (investigation) में जानबूझकर लापरवाही बरतता है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। डीआईजी ने सख्त लहजे में कहा कि वर्दी की गरिमा सर्वोपरि है और जो इसकी मर्यादा लांघेंगे, उन पर गाज गिरना तय है।

BNS की नई धाराओं का 'ब्रह्मास्त्र', कुर्क होगी अपराधियों की काली कमाई

इस निरीक्षण की सबसे बड़ी और 'तगड़ी' बात अपराधियों की अवैध संपत्ति पर प्रहार रही। डीआईजी ने निर्देश दिया कि ऐसे अपराधियों की सूची तैयार की जाए जिन्होंने जरायम की दुनिया से अवैध अकूत संपत्ति बनाई है। अब पुराने ढर्रे के बजाय भारतीय न्याय संहिता (BNS) की नई और प्रभावी धाराओं के तहत इन अपराधियों की संपत्तियों को जब्त और कुर्क किया जाएगा। पुलिस का यह कदम अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।

केसों का होगा 'स्पीडी ट्रायल', समाज में कायम होगा अमन-चैन

लंबित मामलों (Pending Cases) की समीक्षा करते हुए डीआईजी ने थानावार रिपोर्ट तलब की। उन्होंने निर्देश दिया कि वर्षों से लटके हुए केसों का त्वरित निपटारा किया जाए ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज में शांति और अमन-चैन बनाए रखना पुलिस की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि अपराधी चाहे कितना भी रसूखदार क्यों न हो, कानून के लंबे हाथों से वह बच नहीं पाएगा। पुलिस का अभियान अब और अधिक आक्रामक और तकनीकी रूप से सुदृढ़ होगा।

गार्ड ऑफ ऑनर और अधिकारियों की मौजूदगी

इससे पहले, चकिया आगमन पर डीआईजी हरकिशोर राय को सार्जेंट आदित्य प्रकाश के नेतृत्व में 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया। निरीक्षण के इस महत्वपूर्ण अवसर पर चकिया डीएसपी संतोष कुमार, अंचल निरीक्षक अरविंद कुमार सहित चकिया, मेहसी, पिपरा और कल्याणपुर के थानाध्यक्ष मौजूद रहे। डीआईजी ने सभी थाना प्रभारियों को फील्ड में एक्टिव रहने और जनता से सीधा संवाद स्थापित करने का भी निर्देश दिया।