विदेश डेस्क, ऋषि राज |
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के खिलाफ प्रतिबंधों को और कड़ा करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। ट्रंप प्रशासन ने ऐसे विधेयक को मंजूरी दी है, जिसके तहत रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया जा सकता है। इस प्रस्ताव का सीधा असर भारत, चीन और ब्राजील पर पड़ने की आशंका है।
अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने इस विधेयक की पुष्टि करते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। ग्राहम के मुताबिक, यह विधेयक उन देशों को दंडित करने के लिए तैयार किया गया है, जो रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदकर उसकी युद्ध क्षमताओं को आर्थिक सहारा दे रहे हैं।
ग्राहम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि वह पिछले कई महीनों से इस विधेयक पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर कठोर शुल्क लगाकर अमेरिका वैश्विक स्तर पर एक सख्त संदेश देना चाहता है। उनका दावा है कि इस कदम से रूस की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा और युद्ध के लिए संसाधन जुटाना कठिन होगा।
फिलहाल अमेरिका ने भारत पर लगभग 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया हुआ है। प्रस्तावित विधेयक के पारित होने की स्थिति में यह शुल्क बढ़कर 500 प्रतिशत तक जा सकता है, जिससे इन देशों के अमेरिकी निर्यात पर भारी असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी ऊंची दर का टैरिफ वैश्विक व्यापार में अस्थिरता और कीमतों में बढ़ोतरी ला सकता है।
हालांकि, यह विधेयक अभी कानून नहीं बना है। ट्रंप ने भले ही इसे मंजूरी दे दी हो, लेकिन इसे अमेरिकी संसद में पेश किया जाना और वहां से पारित होना बाकी है। उम्मीद है कि अगले सप्ताह इस पर मतदान हो सकता है। यदि संसद से मंजूरी मिलती है, तो भारत, चीन और ब्राजील सहित कई देशों के लिए अमेरिका के साथ व्यापार करना कहीं अधिक महंगा हो जाएगा।







