नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।
मुंबई: करीब दो दशक बाद ठाकरे परिवार एक बार फिर सियासी तौर पर एकजुट नजर आया। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीएमसी समेत महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों के चुनाव के लिए गठबंधन का औपचारिक ऐलान किया। दोनों नेताओं ने इसे मराठी मानुष और मुंबई की अस्मिता से जुड़ा फैसला बताया।
संयुक्त प्रेस वार्ता में उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र और मुंबई की पहचान को कमजोर करने की साजिशें हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में बैठे कुछ लोग मुंबई को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उद्धव ने कहा कि महाराष्ट्र का निर्माण बलिदानों से हुआ है और मराठी लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए शिवसेना बनी थी। आज फिर उसी भावना के साथ हम एकजुट हुए हैं।
राज ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र और मुंबई किसी भी राजनीतिक मतभेद से बड़े हैं। उन्होंने साफ कहा कि सीटों का बंटवारा अहम नहीं है, अहम यह है कि मुंबई का मेयर मराठी होगा और मराठी अस्मिता की जीत होगी। उन्होंने कहा कि ठाकरे परिवार आज एक साथ है और यह संदेश बहुत मायने रखता है।
गठबंधन के ऐलान से पहले ठाकरे बंधु शिवाजी पार्क पहुंचे, जहां उद्धव ठाकरे के साथ उनके पुत्र आदित्य ठाकरे और राज ठाकरे के साथ उनके पुत्र अमित ठाकरे भी मौजूद थे। लंबे समय बाद पूरे ठाकरे परिवार का एक मंच पर आना सियासी हलकों में चर्चा का विषय बना रहा।
शिवसेना (यूबीटी) की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि मौजूदा सरकार में जनता के मुद्दे हाशिये पर चले गए हैं और केवल सत्ता की राजनीति हो रही है। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन राजनीति के लिए नहीं, बल्कि जनता की सेवा और मुंबई के हितों के लिए है। उन्होंने दावा किया कि मेयर मराठी ही होगा और गठबंधन की जीत तय है।
वहीं राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इसे ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल पारिवारिक मिलन नहीं, बल्कि एक मजबूत राजनीतिक गठबंधन है, जिसका सीधा असर बीएमसी और अन्य नगर निगम चुनावों में दिखेगा। राउत ने दावा किया कि बीएमसी पर एक बार फिर ठाकरे ब्रदर्स का कब्जा होगा।
बताया गया कि गठबंधन के ऐलान में एक दिन की देरी सीट शेयरिंग को लेकर हुई थी। हालांकि अब दोनों दलों के बीच सहमति बन चुकी है और आगामी निकाय चुनावों में शिवसेना (यूबीटी) और एमएनएस मिलकर मैदान में उतरेंगी।







