नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।
नई दिल्ली। सातवें वेतन आयोग की अवधि 31 दिसंबर को समाप्त हो रही है, जिसके बाद 1 जनवरी 2026 से आठवें वेतन आयोग के लागू होने की संभावना है। केंद्र सरकार ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन कर दिया है, जिससे केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन व पेंशन में बढ़ोतरी लगभग तय मानी जा रही है। आयोग को अपनी रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है, जबकि संशोधित वेतन को प्रभावी तिथि से लागू किए जाने की उम्मीद है।
सूत्रों के अनुसार, आठवां वेतन आयोग केंद्र सरकार के सभी कार्यरत कर्मचारियों, केंद्रीय पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स पर लागू होगा। जिनकी सैलरी या पेंशन सेंट्रल सिविल सर्विसेज पे मैट्रिक्स के तहत निर्धारित होती है, वे इसके सीधे लाभार्थी होंगे। आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस में पेंशनर्स को भी शामिल किया गया है, जिससे यह स्पष्ट है कि पेंशन संशोधन इस प्रक्रिया का अहम हिस्सा रहेगा।
हालांकि, राज्य सरकार के कर्मचारी इस आयोग के दायरे में स्वतः शामिल नहीं होंगे। राज्य सरकारें चाहें तो बाद में केंद्र की सिफारिशों को अपनाने का फैसला कर सकती हैं। वहीं, पीएसयू, स्वायत्त संस्थानों और वैधानिक निकायों के कर्मचारियों को तभी लाभ मिलेगा, जब संबंधित प्रबंधन संशोधित वेतन ढांचे को लागू करने का निर्णय लेगा।
सरकार ने संसद में जानकारी दी है कि आयोग का गठन हो चुका है और उसकी रिपोर्ट आने के बाद वित्तीय प्रावधान किए जाएंगे। फिलहाल महंगाई भत्ता (DA/DR) को बेसिक वेतन में मर्ज करने या किसी अंतरिम राहत को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
संशोधित वेतन और पेंशन को औपचारिक रूप से 1 जनवरी 2026 से लागू माना जा रहा है, लेकिन पिछले अनुभवों को देखते हुए वास्तविक भुगतान में कुछ देरी संभव है। ऐसे में कर्मचारियों और पेंशनर्स को बढ़ी हुई सैलरी-पेंशन और एरियर वित्त वर्ष 2026-27 में मिलने की संभावना जताई जा रही है।
वेतन बढ़ोतरी को लेकर अभी अंतिम आंकड़े तय नहीं हुए हैं, लेकिन शुरुआती अनुमानों के मुताबिक सैलरी और पेंशन में 20 से 35 प्रतिशत तक इजाफा हो सकता है। छठे वेतन आयोग में करीब 40 प्रतिशत और सातवें वेतन आयोग में लगभग 23 से 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी। माना जा रहा है कि आठवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.4 से 3.0 के बीच रह सकता है।
फिलहाल कर्मचारियों और पेंशनर्स को आधिकारिक सिफारिशों और कैबिनेट के फैसले का इंतजार करना होगा। इतना तय है कि आठवां वेतन आयोग अब केवल चर्चा का विषय नहीं, बल्कि एक वास्तविक प्रक्रिया बन चुका है, जिसका असर आने वाले समय में साफ दिखाई देगा।







