विदेश डेस्क, प्रीति पायल |
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी 15 दिसंबर 2025 को तीन देशों की चार दिवसीय राजकीय यात्रा पर रवाना हुए। यह यात्रा पश्चिम एशिया के जॉर्डन और ओमान तथा अफ्रीका के इथियोपिया को कवर करेगी। यह दौरा भारत की कूटनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से किया जा रहा है। तीनों देशों के साथ भारत के पुराने सांस्कृतिक और सभ्यतागत रिश्ते रहे हैं।
इस यात्रा में व्यापारिक संबंधों को बढ़ाना, निवेश के अवसर तलाशना, ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग, रक्षा साझेदारी और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दे प्रमुख एजेंडे में शामिल हैं। यह पीएम मोदी की 'लुक वेस्ट' और 'एक्ट अफ्रीका' नीतियों को मजबूती देने वाली यात्रा मानी जा रही है।
- 15-16 दिसंबर: जॉर्डन की राजधानी अम्मान में पहला पड़ाव, जो पीएम मोदी का इस देश का पहला पूर्ण द्विपक्षीय दौरा है
- 16-17 दिसंबर: इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा में दूसरा पड़ाव, जहां पीएम मोदी पहली बार जा रहे हैं
- 17-18 दिसंबर: ओमान की राजधानी मस्कट में अंतिम पड़ाव, यह पीएम मोदी का ओमान का दूसरा दौरा होगा
जॉर्डन के शासक राजा अब्दुल्ला द्वितीय इब्न अल हुसैन के विशेष निमंत्रण पर यह दौरा हो रहा है। यह भारत-जॉर्डन के राजनयिक रिश्तों के 75 साल पूरे होने का महत्वपूर्ण अवसर है। पीएम मोदी की मुलाकातें राजा अब्दुल्ला द्वितीय, प्रधानमंत्री जाफर हसन और युवराज अल हुसैन बिन अब्दुल्ला से होंगी।
द्विपक्षीय बैठकों में व्यापार विस्तार, पूंजी निवेश, सुरक्षा में सहयोग और क्षेत्रीय शांति स्थापना पर विचार-विमर्श होगा। पीएम मोदी भारत-जॉर्डन बिजनेस इवेंट को भी संबोधित करेंगे और वहां रहने वाले भारतीय समुदाय से मिलेंगे। ऐतिहासिक शहर पेट्रा, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है, का दौरा भी संभावित है।
वर्तमान में दोनों देशों के बीच व्यापार करीब 2.75 अरब डॉलर का है, जिसे 2030 तक 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। जॉर्डन भारत को फॉस्फेट और पोटाश की आपूर्ति करता है, जो उर्वरक उद्योग के लिए बेहद जरूरी हैं।
इथियोपिया के प्रधानमंत्री डॉ. अबिय अहमद अली के आमंत्रण पर यह राजकीय यात्रा की जा रही है। पीएम मोदी प्रधानमंत्री अबिय अहमद के साथ विस्तृत द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। खास बात यह है कि पीएम मोदी इथियोपियाई संसद के संयुक्त सत्र को भी संबोधित करेंगे, जहां वे भारत की लोकतांत्रिक विरासत और ग्लोबल साउथ में साझेदारी पर बोलेंगे।
इस दौरान कई समझौता ज्ञापनों (MoU) पर दस्तखत होने की संभावना है। पीएम मोदी इथियोपिया में रहने वाले भारतीय प्रवासियों से भी मिलेंगे। इथियोपिया अफ्रीकी संघ (AU) का मुख्यालय है, जिसे भारत ने G20 में स्थायी सदस्यता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
विकास सहयोग, कृषि क्षेत्र में मदद, डिजिटल बुनियादी ढांचे का विकास और निवेश इस दौरे के प्रमुख फोकस क्षेत्र होंगे। यह यात्रा ग्लोबल साउथ में भारत-इथियोपिया की साझेदारी को और मजबूत करेगी।
सुल्तान हैथम बिन तारिक के निमंत्रण पर हो रहे इस दौरे में भारत-ओमान के राजनयिक संबंधों के 70 साल पूरे होने का जश्न मनाया जाएगा। पीएम मोदी सुल्तान से मुलाकात करेंगे और रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की जाएगी।
इस दौरान भारत-ओमान CEPA (व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता) पर हस्ताक्षर या घोषणा हो सकती है, क्योंकि ओमान की शूरा काउंसिल इसे मंजूरी दे चुकी है। पीएम मोदी बिजनेस फोरम में हिस्सा लेंगे और ओमान में रहने वाले बड़े भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे।
दोनों देशों के बीच व्यापार फिलहाल 10 अरब डॉलर से ज्यादा है, जिसमें CEPA के बाद और इजाफा होने की उम्मीद है। ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से ओमान महत्वपूर्ण है क्योंकि वह भारत को कच्चे तेल और एलएनजी की आपूर्ति करता है।
प्रस्थान से पहले पीएम मोदी ने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच रिश्तों को नई रफ्तार देगी। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक अनिश्चितता के इस दौर में भारत अपने विश्वसनीय साझेदारों के साथ संबंधों को और गहरा कर रहा है। इस यात्रा से द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग में बढ़ोतरी की प्रबल संभावना है।







