नेशनल डेस्क, प्रीति पायल |
15 दिसंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 75वीं पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। सरदार पटेल का निधन 1950 में इसी दिन मुंबई में हार्ट अटैक से हुआ था। इस अवसर पर पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए दो पोस्ट साझा कीं।
अपनी पहली पोस्ट में पीएम ने लिखा कि लौह पुरुष सरदार पटेल ने भारत को एकजुट करने के लिए अपना समूचा जीवन न्योछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि अखंड और मजबूत भारत के निर्माण में उनके अमूल्य योगदान को राष्ट्र कभी नहीं भूल सकता।
दूसरी पोस्ट में भारत रत्न सरदार पटेल की पुण्यतिथि को आत्मनिर्भर भारत के लिए प्रेरणा का खास मौका बताया गया। पीएम मोदी ने कहा कि सरदार पटेल ने देशवासियों में राष्ट्रीय एकता की जो चेतना जगाई, वह विकसित भारत के निर्माण में ऊर्जा का स्रोत है। उनकी राष्ट्र निर्माण में अद्वितीय भूमिका सशक्त भारत के लिए मार्गदर्शक बनी रहेगी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सरदार पटेल को राष्ट्रीय एकता का प्रतीक और सुदृढ़ भारत के निर्माता बताया। उन्होंने 560 से अधिक रियासतों के एकीकरण में उनकी भूमिका को याद किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया और सरदार पटेल की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित की। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला समेत अन्य भाजपा नेताओं ने भी श्रद्धांजलि दी।
31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में जन्मे सरदार वल्लभभाई पटेल स्वतंत्र भारत के प्रथम उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री थे। आजादी के बाद उन्होंने 562 रियासतों को भारतीय संघ में विलय कर आधुनिक भारत की नींव रखी, जिसके कारण उन्हें लौह पुरुष और भारत के एकीकरणकर्ता की उपाधि मिली। गुजरात के केवड़िया में उनकी याद में विश्व की सबसे विशाल प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (182 मीटर ऊंची) बनाई गई है।
यह समाचार प्रमुख समाचार एजेंसियों और अखबारों में प्रकाशित हुआ। यह सरदार पटेल के योगदान को स्मरण करते हुए वर्तमान सरकार की एक भारत, श्रेष्ठ भारत की नीति से जुड़ा संदेश है।







