बिजनेस डेस्क - प्रीति पायल
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने 26 दिसंबर 2025 को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को ₹2434 करोड़ के लोन फ्रॉड की जानकारी दी है। यह मामला SREI ग्रुप की पूर्व कंपनियों SREI Equipment Finance Ltd (SEFL) और SREI Infrastructure Finance Ltd (SIFL) के पूर्व प्रमोटर्स से संबंधित है।
SEFL से जुड़े फ्रॉड की राशि ₹1,240.94 करोड़ है, जबकि SIFL से संबंधित ₹1,193.06 करोड़। कुल राशि ₹2,434 करोड़ (कुछ स्रोतों में ₹2,433.99 करोड़ उल्लिखित) बनती है।
PNB ने इस पूरी राशि पर 100% प्रोविजनिंग पहले ही कर ली है, इसलिए बैंक की बैलेंस शीट पर कोई अतिरिक्त नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह फ्रॉड पुराना है, क्योंकि SREI कंपनियां 2021 से कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) में थीं और RBI ने अक्टूबर 2021 में उनके बोर्ड को सुपरसीड किया था। कुल कर्ज करीब ₹32,700 करोड़ का था, जिसे 2023-24 में नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (NARCL) ने अधिग्रहित किया।
कोलकाता आधारित SREI ग्रुप (कानोरिया परिवार द्वारा नियंत्रित) एक NBFC था, जो उपकरण फाइनेंसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर लोन प्रदान करता था। पूर्व प्रमोटर्स पर फंड दुरुपयोग, लोन एवरग्रीनिंग और रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शंस के जरिए धोखाधड़ी के आरोप हैं। यह NPA को अब फ्रॉड श्रेणी में वर्गीकृत करने का मामला है, जिसकी PNB ने SEBI नियमों के तहत स्टॉक एक्सचेंज को भी सूचना दी।
पंजाब एंड सिंध बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने भी SREI से जुड़े फ्रॉड पहले रिपोर्ट किए हैं। PNB के शेयर 26 दिसंबर को मामूली गिरे (लगभग 0.5%), लेकिन सालाना 17% ऊपर हैं, और Q2 FY26 में नेट प्रॉफिट 14% बढ़कर ₹4,904 करोड़ रहा। यह 2018 के नीरव मोदी घोटाले से अलग है।







