विदेश डेस्क, मुस्कान कुमारी |
यूके में हरियाणा के छात्र पर चाकूबाजों का खूनी हमला: पढ़ाई के सपनों पर चाकू की धार, परिवार ने केंद्र से लगाई न्याय की गुहार...
नई दिल्ली: ब्रिटेन के वूस्टर शहर से भारत के लिए एक दिल दहला देने वाली खबर आई है। हरियाणा के चरखी दादरी जिले के एक युवा छात्र विजय कुमार की चाकू मारकर निर्मम हत्या कर दी गई। वह यूके में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहा था, लेकिन रविवार रात को सिटी सेंटर में हुए इस हमले ने उसके परिवार को गम के सागर में डुबो दिया। परिवार ने केंद्र सरकार से तत्काल कूटनीतिक मदद की मांग की है—न केवल शव के शीघ्र प्रत्यावर्तन के लिए, बल्कि पूरी जांच में पारदर्शिता और दोषियों को कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए। स्थानीय पुलिस ने घटना को एक झगड़े का नतीजा बताया है, लेकिन मकसद अब तक स्पष्ट नहीं हुआ। ब्रिटिश पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान न आने से परिवार का गुस्सा भड़क रहा है।
यह वारदात 15 नवंबर की देर रात वूस्टर के बारबर्न रोड पर हुई। आधी रात के सन्नाटे में विजय पर किसी अज्ञात हमलावर ने धारदार हथियार से कई प्रहार किए। चीख-पुकार मच गई, लेकिन जब तक पुलिस पहुंची, तब तक वह खून से लथपथ सड़क पर पड़ा था। अधिकारियों ने उसे फौरन अस्पताल पहुंचाया, मगर गंभीर चोटों के कारण इलाज के दौरान ही उसकी सांसें थम गईं। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के मुताबिक, हत्या से ठीक पहले विजय किसी से मामूली उलझन में पड़ गया था, जो जल्दी ही हिंसक हो गई। लेकिन क्या यह सिर्फ संयोग था या कुछ गहरा राज छिपा है; यह सवाल अब जांच का केंद्र बिंदु बन चुका है।
नौकरी ठोककर सपनों की उड़ान: विजय का सफर जो अधूरा रह गया
विजय कुमार चरखी दादरी का एक मेहनती और महत्वाकांक्षी लड़का था। इस साल की शुरुआत में ही उसने सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम्स में अपनी सरकारी नौकरी छोड़ दी। मकसद था—उच्च शिक्षा का पीछा करना। वह ब्रिस्टल की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ द वेस्ट ऑफ इंग्लैंड (यूडब्ल्यूई) में पढ़ाई कर रहा था। परिवार के लिए यह कदम जोखिम भरा था, क्योंकि विजय घर का मुख्य सहारा था। लेकिन शिक्षा के जज्बे ने उसे विदेश की राह दिखाई। अब वही जज्बा चाकू की नोक पर खत्म हो गया, और पीछे छूटा है एक परिवार का बिखरा हुआ संसार।
चरखी दादरी में विजय के घर पर मातम का साया है। मां-बाप फूट-फूटकर रो रहे हैं, रिश्तेदार सदमे में हैं। उन्होंने न सिर्फ शव को जल्द भारत लाने की अपील की है, बल्कि एक निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच की भी मांग की है। "हमारा बेटा पढ़ने गया था, न कि मरने। दोषियों को बख्शा न जाए," परिवार के एक सदस्य ने बताया। यह दर्द हर उस भारतीय परिवार का है, जो अपने बच्चों को विदेश भेजकर भविष्य संवारने का ख्वाब देखता है।
विधायक की सोशल मीडिया अपील: सरकार, देर न करो, न्याय हो या फिर क्या?
चरखी दादरी के विधायक सुनील सतपाल सांगवान ने इस हादसे को सोशल मीडिया पर उठाया है। उन्होंने पोस्ट में घटना का पूरा ब्योरा साझा किया और केंद्र सरकार से फौरी मदद की गुहार लगाई। "छात्र के शव को तुरंत भारत लाया जाए। जांच में कोई कोताही न बरती जाए, ताकि न्याय मिले और अपराधी सजा भुगतें," उन्होंने लिखा। यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, और लोग इसे शेयर कर सरकार पर दबाव बना रहे हैं। हरियाणा सरकार ने मामले का संज्ञान लिया है, लेकिन ठोस कार्रवाई का इंतजार अभी बाकी है।
विजय की मौत ने भारतीय छात्रों की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। यूके में हजारों युवा पढ़ाई के लिए जाते हैं, लेकिन ऐसी घटनाएं उनके परिवारों को बेचैन कर रही हैं। वूस्टर में अपराध की प्रवृत्ति बढ़ रही है, और पुलिस की चुप्पी ने आग में घी डालने का काम किया है। परिवार की मांग एकजुट है; त्वरित न्याय, या फिर यह जख्म कभी न भर पाए।
पुलिस की जांच: झगड़ा था ट्रिगर, लेकिन मकसद का पर्दाफाश कब?
स्थानीय पुलिस की शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया है कि चाकूबाजी से पहले विजय की किसी से शारीरिक उलझन हुई थी। रात के समय सिटी सेंटर में घूमते हुए शायद कोई छोटी बात बिगड़ गई। लेकिन गवाहों का अभाव और सीसीटीवी की जांच में देरी से सस्पेंस बना हुआ है। ब्रिटिश पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, मगर बिना बयान के परिवार का धैर्य जवाब दे रहा है। क्या नस्लवाद का हाथ था? या महज एक दुखद संयोग? ये सवाल अब कूटनीतिक स्तर पर भी गूंज रहे हैं।
विजय के दोस्त यूडब्ल्यूई कैंपस में शोक मना रहे हैं, और भारतीय दूतावास से सहायता की उम्मीद बंधी है। लेकिन हर गुजरता पल परिवार के दर्द को और गहरा कर रहा है।







