लोकल डेस्क, आर्या कुमारी।
बिहार में कुछ दिनों पहले हुए वीआईपी नेता की हत्या मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। मोतिहारी में हुई इस सनसनीखेज वारदात को लेकर अब पुलिस ने साफ किया कि हत्या किसी बाहरी दुश्मन ने नहीं, बल्कि घर के ही लोगों ने करवाई थी। यह जानकारी सामने आते ही स्थानीय क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है।
पुलिस के अनुसार, छौड़ादानों प्रखंड के वीआईपी प्रखंड अध्यक्ष कामेश्वर सहनी की उनके ही दरवाजे पर अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। शुरुआती जांच में मामला अज्ञात अपराधियों का लग रहा था, लेकिन गहराई से जांच करने पर पुलिस को परिवार के अंदर ही साजिश का सुराग मिला।
मुख्य शूटर विकास कुमार को श्यामपुर बाजार से गिरफ्तार करने के बाद मामले में तेजी आई। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि हत्या की सुपारी मृतक के बेटे सावन निषाद और दूसरी पत्नी काजल निषाद ने दी थी। इसके बाद पुलिस ने इस एंगल पर जांच की तो पता चला कि पहली पत्नी की मौत के बाद कामेश्वर सहनी ने काजल से विवाह किया था, लेकिन इधर बेटा सावन और सौतेली मां के बीच अवैध संबंध बन गए थे।
इसी रिश्ते को बचाने और रास्ते से कामेश्वर सहनी को हटाने के लिए दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची। इस प्लान को अंजाम देने में अभिमन्यु कुमार और विकास कुमार ने मदद की, जिनमें से अभिमन्यु ने हथियार उपलब्ध कराए। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल पिस्टल और चार जिंदा कारतूस भी बरामद कर लिए हैं।
रक्सौल के एसडीपीओ मनीष आनंद ने बताया कि टेक्निकल सेल, एसटीएफ और स्थानीय पुलिस टीम की संयुक्त कार्रवाई से यह ब्लाइंड मर्डर केस सिर्फ एक सप्ताह में सुलझा लिया गया। एसडीपीओ मनीष आनंद, इंस्पेक्टर रंजय कुमार और थानाध्यक्ष अनीश कुमार की टीम ने मिलकर इस मामले का सफलतापूर्वक उद्भेदन किया।







