लोकल डेस्क, आर्या कुमारी।
सुपौल: जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां दो युवतियों ने आपसी सहमति और प्रेम के आधार पर मंदिर में शादी कर ली। दोनों ने गैस चूल्हे को साक्षी मानकर सात फेरे लिए और अपने रिश्ते को सामाजिक पहचान दी। इस विवाह का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला इलाके में चर्चा और बहस का विषय बन गया है।
जानकारी के अनुसार, दोनों युवतियों की पहचान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। ऑनलाइन बातचीत से शुरू हुई दोस्ती धीरे-धीरे गहरे भावनात्मक रिश्ते में बदल गई। दोनों एक ही नगर परिषद क्षेत्र के एक मॉल में काम करती थीं और बीते करीब दो वर्षों से एक-दूसरे के संपर्क में थीं।
बताया गया कि दोनों युवतियां पिछले दो महीनों से किराए के एक कमरे में साथ रह रही थीं। मंगलवार की देर रात वे मेला ग्राउंड स्थित काली मंदिर पहुंचीं, जहां बेहद सादगी के साथ विवाह की रस्में पूरी की गईं। उस समय मंदिर परिसर में कम लोग मौजूद थे, जिस कारण यह घटना तत्काल किसी की नजर में नहीं आ सकी।
विवाह के दौरान दोनों ने गैस चूल्हे के चारों ओर सात फेरे लेकर एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने की कसमें खाईं। शादी के बाद जब वे अपने कमरे पर लौटीं, तब आसपास के लोगों को इसकी जानकारी हुई, जिसके बाद मोहल्ले में हलचल मच गई और लोगों की भीड़ जुटने लगी।
दोनों युवतियों ने अपनी शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जो तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद नगर परिषद क्षेत्र के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी यह मामला चर्चा का विषय बन गया। जानकारी के मुताबिक, दोनों युवतियां मूल रूप से मधेपुरा जिले की रहने वाली हैं।
युवतियों का कहना है कि उनका रिश्ता पूरी तरह आपसी समझ और भावनात्मक जुड़ाव पर आधारित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें लड़कों में कोई रुचि नहीं है और यह फैसला उन्होंने बिना किसी दबाव के लिया है। उनका कहना है कि वे अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीना चाहती हैं।
इस विवाह को लेकर स्थानीय स्तर पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और आपसी सहमति का मामला बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे सामाजिक परंपराओं के खिलाफ मान रहे हैं। फिलहाल यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।







