विदेश डेस्क, आर्या कुमारी।
अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा पर शुक्रवार देर रात हालात अचानक बिगड़ गए और दोनों तरफ से भारी गोलीबारी शुरू हो गई। डूरंड लाइन के दोनों ओर रहने वाले लोग लगातार गोलियों और धमाकों की आवाज़ों से दहशत में हैं और सुरक्षित जगहों की ओर पलायन कर रहे हैं। इस भीषण फायरिंग के बीच दोनों देश एक-दूसरे पर संघर्ष शुरू करने का आरोप लगा रहे हैं। राहत की बात यह है कि अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।
अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद का कहना है कि पाकिस्तान की सेना ने कंधार के स्पिन बोल्डक इलाके में हमला किया। वहीं, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने दावा किया कि अफगान फोर्सेज ने चमन बॉर्डर के पास बिना किसी उकसावे के गोलियां चलाईं। संघर्ष इतना बढ़ा कि हल्के हथियारों से लेकर भारी फायरपावर तक का इस्तेमाल होने लगा। अफगान बॉर्डर पुलिस ने दावा किया कि झड़प पाकिस्तान की ओर से शुरू हुई, जिसके बाद अफगान सेना ने जवाबी कार्रवाई की।
इस बीच, अफगान मीडिया ‘खुरासान’ ने चौंकाने वाला दावा किया है कि पाकिस्तान की सेना 20 से ज्यादा चौकियां छोड़कर पीछे हट गई है। पाकिस्तान सरकार ने कहा है कि वह अपनी क्षेत्रीय अखंडता और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सेना लगातार अलर्ट पर है। बढ़ते तनाव के कारण सीमा पर रहने वाले परिवार रातों-रात अपने घर खाली कर रहे हैं।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, संघर्ष की शुरुआत पाकिस्तान की ओर से नागरिक इलाकों पर रॉकेट दागे जाने के बाद हुई। कई मोर्टार रिहायशी इलाकों में गिरे, जिससे घरों को नुकसान पहुंचा और लोगों को अपनी जान बचाने के लिए गांव छोड़ने पड़े। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में तालिबान लड़ाकों को संघर्ष वाले इलाकों की ओर जाते हुए देखा जा सकता है।
यह झड़प उस समय हुई जब दोनों देशों के बीच सऊदी अरब में हुई हालिया शांति वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। कतर, तुर्की और सऊदी की मध्यस्थता में चल रही बैठकों के बावजूद तनाव कम नहीं हो रहा। अक्टूबर में भी दोनों देशों के बीच भीषण लड़ाई हुई थी, जिसमें कई लोगों की जान गई थी।
स्पिन बोल्डक का इलाका पहले भी कई विवादों का केंद्र रहा है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच डूरंड लाइन को लेकर पुराना विवाद है। अफगानिस्तान इसे सीमा नहीं मानता और कहता है कि पश्तून दोनों तरफ रहते हैं, इसलिए इसका स्थायी समाधान जरूरी है। यही विवाद हर कुछ महीनों में तनाव बढ़ा देता है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील की है।







