विदेश डेस्क, श्रेयांश पराशर l
वाशिंगटन: अमेरिका ने इस वर्ष जनवरी से अब तक 85,000 से अधिक वीज़ा रद्द कर दिए हैं, जिसे ट्रम्प प्रशासन की कड़ी आव्रजन नीति और सीमा सुरक्षा पर बढ़ते फोकस के तौर पर देखा जा रहा है। अमेरिकी विदेश विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट जारी कर इसकी आधिकारिक पुष्टि की। पोस्ट में लिखा गया, “जनवरी से अब तक 85,000 वीज़ा रद्द किए जा चुके हैं। राष्ट्रपति ट्रम्प और विदेश मंत्री मार्को रूबियो जनादेश का पालन कर रहे हैं और वे इस प्रक्रिया को रोकने वाले नहीं हैं।” इसके साथ ‘मेक अमेरिका सेफ़ अगेन’ लिखे पोस्टर भी साझा किए गए।
विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रद्द किए गए वीज़ा सभी श्रेणियों — पर्यटन, छात्र, रोजगार और व्यापार — से जुड़े हुए हैं। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में दोगुने से भी अधिक है। केबल न्यूज़ नेटवर्क (सीएनएन) की रिपोर्ट के अनुसार, रद्द हुए वीज़ा में 8,000 से अधिक छात्र वीज़ा भी शामिल हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय छात्रों के बीच चिंता बढ़ गई है।
अधिकारी ने बताया कि शराब पीकर गाड़ी चलाना, हमला, चोरी और अन्य अपराध जैसे मामलों ने पिछले वर्ष कुल वीज़ा रद्द होने की घटनाओं का लगभग आधा हिस्सा बनाया था। इस वर्ष इन मामलों में और वृद्धि देखी गई है, जिससे प्रशासन ने जांच प्रक्रिया और कड़ी कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, गाज़ा युद्ध के खिलाफ हुए कुछ प्रदर्शनों में शामिल अंतरराष्ट्रीय छात्रों को भी विशेष रूप से जांच के दायरे में लिया गया है। कुछ प्रदर्शनकारियों पर यहूदी-विरोधी होने और आतंकवाद के समर्थन के आरोप भी लगाए गए हैं।
सीएनएन की रिपोर्ट में अक्टूबर माह का एक और मामला सामने आया जिसमें विदेश विभाग ने उन व्यक्तियों के वीज़ा रद्द करने की बात कही थी, जिन पर ‘चार्ली किर्क’ की हत्या का जश्न मनाने का आरोप लगा था। इसके अलावा ट्रम्प प्रशासन ने अमेरिका में रह रहे 5.5 करोड़ से अधिक विदेशी वीज़ाधारकों पर लगातार निगरानी रखने की नीति लागू की है।
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि वीज़ा रखने का अधिकार नहीं बल्कि “विशेषाधिकार” है, जिसे नियमों के उल्लंघन पर तत्काल वापस लिया जा सकता है। इस कड़ी कार्रवाई ने दुनिया भर के वीज़ा आवेदकों में सतर्कता बढ़ा दी है।







