विदेश डेस्क- ऋषि राज
वॉशिंगटन: अमेरिका ने वेनेजुएला पर दबाव बढ़ाते हुए बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनका देश वेनेजुएला आने-जाने वाले सभी “प्रतिबंधित तेल टैंकरों” पर नाकाबंदी लगाएगा। इस फैसले को वेनेजुएला के खिलाफ चलाए जा रहे अमेरिकी दबाव अभियान का सबसे सख्त कदम माना जा रहा है, जिससे लैटिन अमेरिकी देश की पहले से कमजोर अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ सकता है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस से दिए गए अपने संबोधन में कहा कि वेनेजुएला पूरी तरह से दक्षिण अमेरिका के इतिहास में अब तक के सबसे बड़े नशीली दवाओं के नेटवर्क से प्रभावित हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि वेनेजुएला की सरकार अवैध गतिविधियों को रोकने में विफल रही है और तेल राजस्व का इस्तेमाल गलत उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है। इसी को देखते हुए अमेरिका ने फैसला किया है कि वेनेजुएला से जुड़े सभी संदिग्ध और प्रतिबंधित तेल टैंकरों को रोका जाएगा।
अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि इस नाकाबंदी से वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर दबाव और बढ़ेगा। अमेरिका पहले ही मादुरो सरकार पर कई आर्थिक प्रतिबंध लगा चुका है, जिनमें तेल निर्यात पर रोक, वित्तीय लेनदेन पर नियंत्रण और सरकारी अधिकारियों पर व्यक्तिगत प्रतिबंध शामिल हैं। अब समुद्री मार्ग से तेल आपूर्ति बाधित होने पर वेनेजुएला की आय का सबसे बड़ा स्रोत प्रभावित हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था तेल पर अत्यधिक निर्भर है। देश की अधिकांश विदेशी मुद्रा आय कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात से आती है। ऐसे में lटैंकरों की नाकाबंदी से न केवल सरकारी राजस्व घटेगा, बल्कि आम जनता पर भी असर पड़ सकता है। ईंधन, खाद्य पदार्थ और जरूरी वस्तुओं की कमी और महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
दूसरी ओर, वेनेजुएला सरकार ने अमेरिकी फैसले की तीखी आलोचना की है। काराकस से जारी बयान में कहा गया है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है और एक संप्रभु देश के खिलाफ आर्थिक युद्ध का हिस्सा है। वेनेजुएला ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस फैसले का विरोध करने की अपील भी की है।
अमेरिका का यह कदम ऐसे समय में आया है जब लैटिन अमेरिका में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है। कई देशों ने आशंका जताई है कि इससे क्षेत्रीय स्थिरता प्रभावित हो सकती है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि अमेरिकी नाकाबंदी का वेनेजुएला की राजनीति और अर्थव्यवस्था पर कितना गहरा असर पड़ता है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस पर कैसी प्रतिक्रिया सामने आती है।







