नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी ।
अयोध्या: रामनगरी अयोध्या में धार्मिक पर्यटन को और अधिक आकर्षक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। सरकार द्वारा सरयू तट पर बन रहे भव्य रामायण पार्क में अब 25 फुट ऊंची रावण की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। यह प्रतिमा युद्ध मुद्रा में होगी और रामायण के महायुद्ध दृश्य का प्रतीक बनेगी।
यह पहला अवसर होगा जब अयोध्या में रावण की इतनी विशाल और कलात्मक प्रतिमा पर्यटकों व श्रद्धालुओं के लिए प्रदर्शित की जाएगी।
क्या होगा इस पार्क में खास?
रामायण पार्क को पूरी तरह रामायण की कथा के प्रमुख पात्रों और प्रसंगों पर आधारित किया जा रहा है।
यहाँ मौजूद रहेंगे—
• जीवन आकार की भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण की मूर्तियाँ
• हनुमान, सुग्रीव, अंगद और विभीषण की प्रतिमाएँ
• राम–रावण युद्ध के दृश्य
• भव्य राम दरबार
इन सबके बीच 25 फुट की रावण प्रतिमा मुख्य आकर्षण होगी।
तकनीक और निर्माण
जानकारी के अनुसार रावण की प्रतिमा को फाइबर सामग्री से बनाया जा रहा है, ताकि वह बारिश और मौसम के असर से सुरक्षित रहे। प्रतिमा को अलग-अलग हिस्सों में तैयार किया गया है, जिसे साइट पर जोड़कर स्थापित किया जाएगा।
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
गुप्तार घाट वह स्थान माना जाता है जहाँ भगवान राम ने जल-समाधि ली थी। ऐसे में रामायण पार्क का निर्माण इस स्थान को और अधिक धार्मिक महत्व देता है। सरकार का मानना है कि यह पार्क न सिर्फ श्रद्धालुओं बल्कि इतिहास, संस्कृति और दर्शन में रुचि रखने वालों के लिए भी खास आकर्षण बनेगा।
पर्यटन में आएगा नया उछाल
राम मंदिर उद्घाटन के बाद अयोध्या में हर दिन लाखों श्रद्धालु पहुँच रहे हैं। ऐसे में यह नया पार्क शहर को अंतरराष्ट्रीय धार्मिक-पर्यटन केंद्र के रूप में और मजबूत करेगा।
स्थानीय लोगों और प्रशासन की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहल अयोध्या की संस्कृति और धार्मिक भावनाओं को विश्व स्तर पर सम्मान दिलाएगी। वहीं प्रशासन का दावा है कि रामायण पार्क आने वाले समय में अयोध्या की एक और पहचान बनेगा। जल्द ही प्रतिमा स्थापना का अंतिम कार्य पूरा होने के बाद पार्क जनता के लिए खोल दिया जाएगा।







