हेल्थ डेस्क, मुस्कान कुमारी
क्लीवलैंड। अमेरिकी वैज्ञानिकों ने चूहों पर किए गए अध्ययन में अल्जाइमर रोग को उलटने की उम्मीद जगाई है, जहां NAD संतुलन बहाल करने से बीमारी के लक्षण पूरी तरह ठीक हो गए। यह खोज एक सदी पुरानी धारणा को चुनौती देती है कि न्यूरोडीजेनेरेटिव रोग अपरिवर्तनीय होता है।
NAD असंतुलन अल्जाइमर का प्रमुख कारण
यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल्स के ब्रेन हेल्थ मेडिसिन्स सेंटर के निदेशक एंड्र्यू ए. पीपर के नेतृत्व वाली टीम ने सेल रिपोर्ट्स मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में पाया कि ब्रेन में NAD (निकोटिनामाइड एडेनिन डाइन्यूक्लियोटाइड) स्तर का गिरना अल्जाइमर का मुख्य ड्राइवर है।
अध्ययन में मानव अल्जाइमर मरीजों के ब्रेन और चूहों के मॉडल्स में NAD की कमी पाई गई। चूहों में दो अलग-अलग जेनेटिक म्यूटेशन (एमाइलॉइड प्रोसेसिंग और टाउ प्रोटीन) से अल्जाइमर जैसी स्थिति बनाई गई।
P7C3-A20 दवा ने चमत्कार दिखाया
टीम ने P7C3-A20 नामक फार्माकोलॉजिकल एजेंट से NAD संतुलन बहाल किया। बीमारी शुरू होने से पहले NAD बचाने से चूहों में अल्जाइमर विकसित ही नहीं हुआ।
अधिक उन्नत स्टेज में देरी से इलाज देने पर भी ब्रेन ने जेनेटिक म्यूटेशन से होने वाले पाथोलॉजिकल इवेंट्स को ठीक कर लिया। दोनों मॉडल्स के चूहों में संज्ञानात्मक कार्य पूरी तरह बहाल हो गया।
पीपर ने कहा, "हमारे नतीजे उत्साहजनक हैं। NAD संतुलन बहाल करने से उन्नत अल्जाइमर वाले चूहों में पाथोलॉजिकल और फंक्शनल रिकवरी हुई। दो अलग-अलग मॉडल्स में यह प्रभाव मजबूत करता है कि यह दवा मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकती है।"
मानव मरीजों के लिए नई उम्मीद
अध्ययन विविध प्रीकलीनिकल माउस मॉडल्स और मानव ब्रेन पर आधारित है। NAD की कमी अल्जाइमर मरीजों में गंभीर पाई गई, जो चूहों में भी दोहराई गई।
यह खोज दवाओं के विकास में नया मोड़ ला सकती है, जहां NAD को टारगेट कर बीमारी को न सिर्फ रोका, बल्कि उलटा भी जा सके।







