नेशनल डेस्क, वेरॉनिका राय |
आदिवासी फंड पर सियासी संग्राम: AAP का आरोप- पीएम मोदी की रैलियों पर खर्च हुए 50 करोड़ रुपये
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) ने भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आदिवासी विकास फंड के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का दावा है कि गुजरात में आदिवासी समुदाय के कल्याण के लिए निर्धारित फंड से प्रधानमंत्री मोदी और अन्य वीवीआईपी कार्यक्रमों की भव्य व्यवस्थाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए।
AAP के नेशनल मीडिया इंचार्ज अनुराग ढांडा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आदिवासी समुदाय के विकास के लिए बनाए गए फंड से करीब 50 करोड़ रुपये प्रधानमंत्री और उनसे जुड़े कार्यक्रमों में सुविधाएं जुटाने पर खर्च किए गए। उन्होंने खर्च का विस्तृत ब्योरा भी सार्वजनिक किया।
पंडाल से लेकर चाय-समोसे तक करोड़ों का खर्च
अनुराग ढांडा के मुताबिक, डेडियापाड़ा में प्रधानमंत्री के एक कार्यक्रम में—
- 7 करोड़ रुपये का पंडाल
- 3 करोड़ रुपये का गुंबद
- 5 करोड़ रुपय का स्टेज
- 2 करोड़ रुपये चाय और समोसे पर
- 7 करोड़ रुपये लोगों को लाने के लिए बसों की व्यवस्था
- 2 करोड़ रुपये टॉयलेट और साफ-सफाई पर खर्च किए गए।
AAP का आरोप है कि यह पूरा खर्च आदिवासी फंड से किया गया, जबकि यह पैसा आदिवासी समाज के विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए इस्तेमाल होना चाहिए था।
पीएम आवास के खर्च पर भी सवाल
AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने सेंट्रल विस्टा में बन रहे प्रधानमंत्री आवास के खर्च को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब आरटीआई के तहत प्रधानमंत्री आवास के खर्च की जानकारी मांगी गई तो इसे “राष्ट्रीय सुरक्षा” का मामला बताया गया। वहीं दूसरी ओर, मुख्यमंत्री आवास से जुड़ी हर जानकारी सार्वजनिक कर दी गई, जिसमें किसी तरह की सुरक्षा की दलील नहीं दी गई।
“12 हजार बच्चे कुपोषित, लेकिन पैसा रैलियों में खर्च”
AAP सांसद संजय सिंह ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि करीब 12 हजार बच्चे कुपोषण का शिकार हैं। उनके इलाज, अस्पतालों और स्कूलों के निर्माण के लिए जो फंड इस्तेमाल होना चाहिए था, वही पैसा प्रधानमंत्री की रैलियों और आयोजनों पर खर्च कर दिया गया।
संजय सिंह ने कहा, “जब हमारे विधायक अधिकारियों से पूछते हैं कि कुपोषण दूर करने के लिए पैसा क्यों नहीं है, तो जवाब मिलता है—सरकार के पास पैसे नहीं हैं। लेकिन वही पैसा प्रधानमंत्री की रैलियों में खर्च किया जा रहा है।”
आदिवासी समाज के अधिकारों पर सवाल
AAP नेताओं ने सवाल उठाया कि क्या आदिवासी समाज को सम्मान के साथ जीने का हक नहीं है? पार्टी का कहना है कि जिस फंड से आदिवासी बच्चों का भविष्य सुधर सकता था, उसे राजनीतिक आयोजनों में खर्च कर दिया गया। फिलहाल भाजपा सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन AAP ने पूरे मामले की जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की है।







