नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।
नई दिल्ली: इंडिगो के फ्लाइट शेड्यूल में लगभग 5% की कमी की जा सकती है, जो करीब 110 डेली फ्लाइट्स के बराबर है। इन उड़ानों को उन अन्य एयरलाइनों को दिया जाएगा, जिनके पास क्षमता बढ़ाने के पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं। सूत्रों के अनुसार, उड़ानें रद्द होने से यात्रियों को हुई भारी परेशानी के बाद सरकार शुरुआती 5% कटौती पर विचार कर रही है, और जरूरत पड़ने पर इसे आगे और 5% तक बढ़ाने के विकल्प पर भी विचार जारी है। साथ ही, अन्य संभावित कार्रवाइयों के विकल्प भी देखे जा रहे हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
हाल ही में इंडिगो की हजारों उड़ानें अचानक रद्द हो जाने के कारण देशभर के कई हवाई अड्डों पर यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस मामले पर नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने कहा कि स्थिति नियंत्रित करने के लिए सरकार सर्दियों में इंडिगो की उड़ान संख्या कम करेगी।
सरकार इंडिगो की कुछ उड़ानों को अन्य एयरलाइनों को आवंटित करेगी। फिलहाल इंडिगो लगभग 2,200 उड़ानें प्रतिदिन संचालित करती है, जिनमें से करीब 200 उड़ानें अन्य ऑपरेटर्स को दी जा सकती हैं। एयर इंडिया को भी 60–70 अतिरिक्त फ्लाइट्स मिलने की संभावना जताई जा रही है।
संकट के सातवें दिन की स्थिति
राज्यसभा में नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाली किसी भी एयरलाइन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसे सभी ऑपरेटर्स के लिए उदाहरण के रूप में देखा जाएगा। संकट के सातवें दिन भी इंडिगो की 500 से अधिक उड़ानें रद्द रहीं।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि यात्रियों, क्रू और पायलटों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उड़ान रद्द होने की वजह एयरलाइन की आंतरिक प्रबंधन समस्याएं थीं और क्रू रोस्टर का सही ढंग से संचालन नहीं किया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि यह संकट नए FDTL नियमों से संबंधित नहीं है। यात्रियों को हुई असुविधा की पूरी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
हाईकोर्ट में सुनवाई कल
दिल्ली हाईकोर्ट ने उस याचिका पर 10 दिसंबर को सुनवाई निर्धारित की है, जिसमें मांग की गई है कि इंडिगो संकट से प्रभावित यात्रियों को सहायता और टिकट का पूरा रिफंड दिलाने के लिए केंद्र को निर्देशित किया जाए।
इंडिगो का पक्ष
डीजीसीए द्वारा भेजे गए कारण बताओ नोटिस के जवाब में इंडिगो ने कहा कि उड़ानों में बाधा मुख्यतः तकनीकी कारणों और फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट (FDTL) नियमों की वजह से उत्पन्न हुई।
सरकार का स्पष्टीकरण: FDTL नियम जिम्मेदार नहीं
केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद अप्रैल 2025 में बने नए FDTL नियमों के 22 दिशा-निर्देशों में से 15 को 1 जुलाई 2025 और शेष 7 को 1 नवंबर 2025 से लागू किया गया है।
सरकार ने इंडिगो सहित सभी हितधारकों से कई दौर की चर्चा की थी और स्पष्ट कर दिया था कि सुरक्षा से समझौता किए बिना नियमों का पालन अनिवार्य है। एक नवंबर से FDTL पूरी तरह लागू होने के बाद डीजीसीए सभी एयरलाइनों से संवाद कर रहा है।
हवाई किरायों पर सरकार का रुख
राज्यसभा में केंद्रीय नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि टीएमयू एयरलाइनों की वेबसाइटों के आधार पर 78 प्रमुख रूट्स के हवाई किरायों की मासिक निगरानी करता है। इस प्रक्रिया से किरायों को तय सीमा के भीतर बनाए रखने में मदद मिलती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हवाई किरायों पर सरकार का सीधा नियंत्रण नहीं है। एयरलाइंस अपनी परिचालन आवश्यकताओं के अनुसार किराया तय करने के लिए स्वतंत्र हैं।







