नेशनल डेस्क, नीतीश कुमार।
नई दिल्ली: इंडिगो की कई उड़ानों के अचानक रद्द होने के कारण देशभर के एयरपोर्ट पर यात्रियों को हो रही परेशानी को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार, 8 दिसंबर 2025 को तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया। इस मामले में एक वकील ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष मुद्दा उठाते हुए कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना के कई उड़ानें कैंसिल कर दी गईं, जिससे यात्रियों को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सीजेआई सूर्यकांत ने क्या कहा?
वकील ने इसे “गंभीर मुद्दा” बताते हुए तुरंत हस्तक्षेप की मांग की। लेकिन पीठ ने कहा कि केंद्र सरकार पहले ही इस मामले पर कार्रवाई कर रही है और फिलहाल तुरंत हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है। CJI सूर्य कांत ने कहा, “हम समझते हैं कि लाखों यात्री एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं। जिनके पास जरुरी काम है या स्वास्थ्य से जुड़ी आपात स्थिति है… लेकिन भारत सरकार इस मुद्दे पर संज्ञान ले चुकी है। समय पर कार्रवाई होती दिख रही है। देखते हैं आगे स्थिति कैसे विकसित होती है। अभी तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।”
DGCA से स्टेटस रिपोर्ट की मांग:
याचिका में यह भी मांग की गई है कि DGCA से मामले पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी जाए। इंडिगो की ऑपरेशनल सर्विस में आई समस्या के कारण यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी है। हालांकि अब इंडिगो की सेवाएं सामान्य होती दिख रही हैं। इंडिगो कंपनी ग्राहकों की परेशानी को लेकर माफी जारी कर चुकी है और कह रही है कि 10 दिसंबर तक सेवाएं पूरी तरह सामान्य हो जाएंगी।







