टेक्नॉलॉजी डेस्क, मुस्कान कुमारी
नई दिल्ली। मेटा की पॉपुलर प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम ने यूजर्स के लिए हैंड्स-फ्री रील्स फीचर लॉन्च कर दिया है, जो वीडियोज को ऑटो-स्क्रॉल करके देखने की सुविधा देता है। यह अपडेट क्रिएटर्स और दर्शकों दोनों के अनुभव को बदलने वाला साबित हो रहा है, जबकि अन्य नई सुविधाओं से एल्गोरिदम कंट्रोल और लंबे कंटेंट की राह खुल गई।
इंस्टाग्राम के इस लेटेस्ट अपडेट ने सोशल मीडिया की दुनिया में हलचल मचा दी है। कंपनी ने 2024-25 में कई क्रांतिकारी बदलाव पेश किए, जिनमें हैंड्स-फ्री मोड सबसे चर्चित है। यह फीचर यूजर्स को रील्स देखते वक्त मैनुअल स्वाइप की झंझट से मुक्त करता है, खासकर जब हाथ व्यस्त हों। ग्लोबल रोलआउट के साथ भारत में भी लाखों यूजर्स इसे आजमा रहे हैं।
ऑटो-स्क्रॉल: बिना हाथ लगाए रील्स का मजा
हैंड्स-फ्री रील्स, जिसे ऑटो-स्क्रॉल भी कहा जा रहा है, जुलाई 2025 से चरणबद्ध तरीके से लॉन्च हुआ। रील देखते हुए निचले दाएं कोने में तीन डॉट्स मेनू पर टैप करें, फिर 'ऑटो-स्क्रॉल' को ऑन करें। वर्तमान वीडियो खत्म होते ही अगली रील अपने आप प्ले हो जाएगी। कंपनी के मुताबिक, यह सुविधा जिम, किचन या यात्रा के दौरान आदर्श है, जहां स्वाइपिंग असुविधाजनक साबित होती है।
फायदे साफ हैं: थकान कम, एंगेजमेंट ज्यादा। इंस्टाग्राम के हेड ऑफ प्रोडक्ट, एडम मोसेरी ने कहा कि यह फीचर यूजर्स की फीडबैक पर आधारित है, जो 2025 की शुरुआत से टेस्टिंग में था। अब तक करोड़ों व्यूज पर इसका असर दिखा, जहां यूजर्स ने 30% ज्यादा समय रील्स पर बिताया। लेकिन सावधानी बरतें- प्राइवेसी सेटिंग्स चेक करें, क्योंकि यह फीचर बैकग्राउंड में चलता रह सकता है।
एल्गोरिदम पर कंट्रोल: आपकी पसंद, आपका फीड
रील्स के बाद एल्गोरिदम कंट्रोल ने सुर्खियां बटोरीं। दिसंबर 2025 में लॉन्च 'योर एल्गोरिदम' फीचर यूजर्स को अपनी रुचियों की लिस्ट दिखाता है। रील्स टैब के ऊपरी कोने में आइकन टैप करें, तो टॉपिक्स जैसे 'फिटनेस' या 'ट्रैवल' नजर आएंगे। 'सी मोर' या 'सी लेस' चुनकर फीड कस्टमाइज करें। यह बदलाव पारदर्शिता लाता है। पहले एल्गोरिदम ब्लैक बॉक्स था, अब यूजर्स इसे शेप दे सकते हैं। अमेरिका से शुरू होकर भारत में तेजी से फैल रहा यह टूल, क्रिएटर्स को भी फायदा पहुंचा रहा। एक सर्वे में 70% यूजर्स ने बताया कि इससे अनचाही कंटेंट 40% कम हुई। एआई की मदद से यह रीयल-टाइम अपडेट होता है, लेकिन गलत सिग्नल्स से बचने के लिए रेगुलर चेक जरूरी।
20 मिनट की रील्स: लॉन्ग-फॉर्म कंटेंट की एंट्री
2025 का सबसे बड़ा सरप्राइज रहा रील्स की लंबाई बढ़ाना। अब कैमरा में सीधे 20 मिनट तक रिकॉर्डिंग संभव है, जो पहले 3 मिनट तक सीमित थी। नवंबर 2025 अपडेट से क्रिएटर्स पॉडकास्ट, ट्यूटोरियल या स्टोरीटेलिंग के लिए लंबे वीडियोज बना सकेंगे।
यह टिकटॉक और यूट्यूब से मुकाबले का हथियार है। रील्स एडिटर में क्लिप्स जोड़ें, एडिट करें और अपलोड। कंपनी का दावा है कि लंबे रील्स पर व्यूज 25% ज्यादा आते हैं। लेकिन चुनौती भी है- एंगेजमेंट बनाए रखना। भारत के क्रिएटर्स, जैसे एजुकेशनल चैनल्स, इसे अपनाकर सब्सक्राइबर्स बढ़ा रहे हैं।
स्टोरी रीशेयरिंग: बिना टैग के शेयरिंग का दौर
स्टोरीज शेयरिंग में बड़ा ट्विस्ट आया। अब पब्लिक स्टोरीज को बिना मेंशन के रीशेयर करें, बस क्रिएटर की अनुमति हो। दिसंबर 2025 से रोलआउट, यह स्क्रीनशॉट की क्वालिटी लॉस को खत्म करता है। सेटिंग्स में 'शेयरिंग एंड रीयूज' से प्राइवेसी सेट करें। 'ऐड टू स्टोरी' बटन से क्रेडिट के साथ शेयर। यह फीचर वायरल कंटेंट को तेज फैलाता है, लेकिन प्राइवेसी रिस्क भी। यूजर्स ने इसे 'गेम-चेंजर' बताया, क्योंकि अब फ्रेंड्स की स्टोरीज आसानी से हाइलाइट हो सकती हैं।
रीपोस्ट बटन: पोस्ट्स को नया जीवन
अगस्त 2025 में आए रीपोस्ट ऑप्शन ने पोस्ट्स और रील्स को रीशेयरिंग आसान बना दिया। पब्लिक कंटेंट पर रीपोस्ट आइकन टैप करें, यह आपकी प्रोफाइल के अलग टैब में सेव हो जाएगा। फॉलोअर्स के फीड में भी दिखेगा, क्रिएटर को क्रेडिट देकर। पहले थर्ड-पार्टी ऐप्स की जरूरत पड़ती थी, अब इन-ऐप ही। इससे एंगेजमेंट 50% बढ़ा, खासकर कम्युनिटी बिल्डिंग में। लेकिन कॉपीराइट इश्यू से सतर्क रहें।
ट्रायल रील्स: टेस्टिंग से पहले स्मार्ट चॉइस
दिसंबर 2024 से चले ट्रायल रील्स ने क्रिएटर्स को सुपरपावर दी। नई रील को फॉलोअर्स के बजाय नॉन-फॉलोअर्स को टेस्ट करें। पोस्टिंग से पहले 'ट्रायल' टॉगल ऑन करें, परफॉर्मेंस एनालिटिक्स देखें। यह फीचर कंटेंट स्ट्रैटेजी को मजबूत करता है। ग्लोबल रोलआउट के बाद भारत में 60% क्रिएटर्स ने इसे अपनाया, वायरल हिट्स की भविष्यवाणी आसान हो गई। ड्राफ्ट्स सेक्शन में ट्रैक करें। इन फीचर्स से इंस्टाग्राम 2025 में और मजबूत हो रहा, यूजर्स की संख्या 20% बढ़ने की उम्मीद। लेकिन अपडेटेड ऐप डाउनलोड करें और सेटिंग्स एक्सप्लोर करें।







