लोकल डेस्क - वेरॉनिका राय
बिहार। बिहार की चर्चित अफसर जोड़ी आईपीएस स्वर्ण प्रभात और आईएएस प्रतिभा रानी न सिर्फ अपने काम के लिए जानी जाती है, बल्कि अपनी प्रेरणादायक जीवन कहानी के लिए भी चर्चा में रहती है। एक ओर जहां स्वर्ण प्रभात अपने कड़क मिजाज और माफियाओं के खिलाफ सख्त एक्शन के लिए ‘सुपर कॉप’ के नाम से मशहूर हैं, वहीं उनकी पत्नी प्रतिभा रानी एक दक्ष और जमीन से जुड़ी हुई आईएएस ऑफिसर हैं। दोनों की लव स्टोरी भी उतनी ही रोचक है जितनी उनकी सफलता की कहानी।
इंजीनियरिंग से UPSC तक का सफर
आईपीएस बनने से पहले स्वर्ण प्रभात ने आईआईटी खड़गपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। वहीं प्रतिभा रानी ने झारखंड के बीआईटी से इंजीनियरिंग की। पढ़ाई पूरी करने के बाद दोनों ने कुछ साल प्राइवेट सेक्टर में नौकरी भी की।
स्वर्ण प्रभात ने माइक्रोसॉफ्ट जैसी ग्लोबल कंपनी में काम किया, जबकि प्रतिभा रानी सैमसंग में कार्यरत थीं। अच्छी नौकरियों के बावजूद दोनों के मन में देश सेवा का जज़्बा कायम था और इसी ने उन्हें यूपीएससी की ओर मोड़ दिया। तैयारी के बाद दोनों ने परीक्षा पास कर ली और प्रशासनिक सेवा का हिस्सा बने।
पहली मुलाकात जिसने बदल दी दिशा
दोनों की पहली मुलाकात हैदराबाद में एक सेमिनार के दौरान हुई। यह मुलाकात सिर्फ जान-पहचान तक सीमित नहीं रही, बल्कि दोनों के जीवन को एक नई दिशा देने वाली साबित हुई। धीरे-धीरे रिश्ता गहराया, और फिर दोनों ने साथ जीवन बिताने का फैसला लिया।
आज भी कायम है सादगी और जमीनी अंदाज़
ऊंचे पदों पर पहुंचने के बाद भी इस अफसर जोड़ी का अंदाज़ बेहद सरल और जमीनी है। स्वर्ण प्रभात जहां माफियाओं पर करारे प्रहार के लिए जाने जाते हैं, वहीं प्रतिभा रानी अपनी शांत, संतुलित और प्रभावी प्रशासनिक शैली के लिए पहचानी जाती हैं। दोनों की पेशेवर सफलता और निजी जीवन की कहानी आज कई युवाओं के लिए प्रेरणा है।







