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एनेस्थीसिया मर्डर केस: डॉक्टर पति गिरफ्तार, रहस्य कायम

लोकल डेस्क, मुस्कान कुमारी |

बेंगलुरु: शहर की एक प्रमुख डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. कृतिका एम रेड्डी (28) की मौत के मामले में पुलिस ने उनके पति डॉ. महेंद्र रेड्डी जी एस (31) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि महेंद्र ने अपनी पत्नी को एनेस्थीसिया की घातक खुराक देकर मार डाला। यह घटना अप्रैल में हुई थी, जब दंपती की शादी को महज दो महीने ही हुए थे। पुलिस का कहना है कि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहा और वह दावा कर रहा है कि उसने कभी एनेस्थीसिया नहीं दिया। अब जांच का फोकस दवा की प्राप्ति और हत्या के मकसद पर है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, महेंद्र को मणिपाल से गिरफ्तार किया गया और बेंगलुरु लाया गया। उसे नौ दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। जांच अधिकारी ने बताया कि महेंद्र पूरी तरह चुप्पी साधे हुए है। "वह कहता है कि उसने कभी दवा नहीं दी। हम जांच जारी रखे हुए हैं," एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा।

जांच में जब्ती और फॉरेंसिक सबूत

पुलिस ने गुरुवार को गुनजुर स्थित आरोपी के आवास पर महाजर (स्पॉट जांच) किया। इस दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त किए गए, जिन्हें फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) भेजा गया है। डेटा रिकवरी से महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।

एफएसएल की रिपोर्ट ने मामले को अननेचुरल डेथ से मर्डर में बदल दिया। रिपोर्ट में कृतिका के विसेरा में प्रोपोफोल नामक इंट्रावेनस एनेस्थेटिक की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। यह दवा सर्जरी में इस्तेमाल होती है, लेकिन ओवरडोज जानलेवा साबित हो सकती है।

अफवाहें और संदिग्ध मकसद

पुलिस अब महेंद्र की एक अन्य महिला से कथित निकटता की अफवाहों की जांच कर रही है। आरोपी ने सफाई दी है कि कृतिका गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्या से पीड़ित थी, लेकिन पुलिस को यह बहाना संदिग्ध लग रहा है। "गैस्ट्रोएंटेराइटिस कोई गंभीर बीमारी नहीं है। हमें लगता है कि वह असली वजह छिपा रहा है," अधिकारी ने कहा।

कृतिका की मौत 24 अप्रैल को हुई थी। परिवार ने बाद में शिकायत दर्ज कराई कि महेंद्र ने इलाज के बहाने घातक इंजेक्शन दिया। महेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी साइंसेज एंड ऑर्गन ट्रांसप्लांट (आईजीओटी) में सर्जिकल रेजिडेंट है।

परिवार का दर्द और पुलिस की सख्ती

कृतिका के परिवार ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही दंपती में तनाव था। पुलिस अब दवा की स्रोत की तलाश में है, क्योंकि प्रोपोफोल जैसी दवा आमतौर पर मेडिकल प्रोफेशनल्स के पास ही उपलब्ध होती है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या कोई अन्य व्यक्ति इसमें शामिल था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद से शहर में यह केस चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां एक डॉक्टर पति पर अपनी डॉक्टर पत्नी की हत्या का आरोप लगा है।