लोकल डेस्क, एन. के. सिंह।
मृतक के पिता ने लगाया पुलिस पर समय रहते कार्रवाई न करने का आरोप, परिजनों ने कोटवा थानाध्यक्ष पर एफआईआर दर्ज कराने के बजाय धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया।
पूर्वी चंपारण: कोटवा थाना क्षेत्र के मच्छरगांवा बनकटवा मध्य विद्यालय से गत मंगलवार, 2 दिसंबर को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए पाँचवी कक्षा के छात्र रवि कुमार (उम्र 11 वर्ष) का शव पाँचवें दिन स्कूल के बगल के तालाब में मिलने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। इस वीभत्स घटना ने न केवल क्षेत्र में सनसनी फैला दी, बल्कि शिक्षकों की संदिग्ध भूमिका और पुलिस की कथित लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लापता होने के पाँचवे दिन मिला शव, विद्यालय में उपद्रव
मृतक छात्र रवि कुमार 2 दिसंबर को तब लापता हुआ था, जब विद्यालय में छात्र-छात्राओं के बीच स्कूल बैग और कॉपी का वितरण किया जा रहा था, लेकिन रवि को ये सामग्री नहीं मिली थी। उसी दिन शाम से ही उसके पिता मुकेश प्रसाद ने खोजबीन शुरू की और बाद में कोटवा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
गुरुवार को, यानी लापता होने के पाँचवे दिन, जब रवि का शव विद्यालय के बगल के तालाब से बरामद हुआ, तो आक्रोशित ग्रामीणों और अभिभावकों की भीड़ ने विद्यालय को घेर लिया। भीड़ ने शिक्षकों के साथ बदसलूकी करते हुए उन्हें घंटों बंधक बनाए रखा। हालांकि, महिला शिक्षिकाएं स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए पहले ही विद्यालय से निकलने में सफल रहीं।
पुलिस को करना पड़ा विरोध का सामना, डीएसपी ने संभाला मोर्चा
मामले की सूचना पाकर जब कोटवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची, तो उन्हें भी आक्रोशित भीड़ के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। स्थिति बेकाबू होते देख ऐहतियात के तौर पर जिला पुलिस बल और कई अन्य थानों की पुलिस को मौके पर बुलाया गया।
बावजूद इसके, ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। वे शिक्षकों की संदिग्ध भूमिका और पुलिस की निष्क्रियता को लेकर वरिष्ठ पदाधिकारी और डॉग स्क्वायड की टीम को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। आखिरकार, सदर डीएसपी 2 जितेश पाण्डेय और डॉग स्क्वायड की टीम को घटनास्थल पर पहुंचना पड़ा, जिसके बाद ही जांच प्रक्रिया शुरू हो सकी।
शव सौंपने को लेकर तनाव, 6 शिक्षक हिरासत में
डॉग स्क्वायड द्वारा जाँच शुरू करने के बाद, जब पुलिस ने तालाब से शव निकालकर पोस्टमार्टम के लिए ले जाना चाहा, तो सैकड़ों महिलाओं ने शव को रोक दिया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और डीएसपी के लगातार समझाने-बुझाने और न्याय दिलाने के आश्वासन के बाद ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।
इसके उपरांत, विद्यालय में बंधक बनाए गए सभी 6 शिक्षकों को पुलिस हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया। जिन शिक्षकों से पूछताछ की जा रही है, उनमें प्रधान शिक्षक विकास कुमार, कृष्ण किशोर प्रसाद यादव, अशोक कुमार, उपेंद्र कुमार, रोहित कुमार, और उपेंद्र कुमार 2 शामिल हैं।
तीसरे दिन हुआ अंतिम संस्कार, परिजनों का बड़ा आरोप
पोस्टमार्टम के तीन दिन बाद, सोमवार को स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की पहल पर 12 वर्षीय रवि कुमार का अंतिम संस्कार किया जा सका। इस बीच, परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश शांत नहीं हुआ है।
परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कोटवा थानाध्यक्ष द्वारा प्राथमिक दर्ज कराने के बजाय उन पर धमकी भरे शब्दों का प्रयोग किया गया, जिसका एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। परिजनों का स्पष्ट कहना है कि पुलिस उन्हें न्याय दिलाने के बजाय दबाव बनाने की कोशिश कर रही है, और वे लगातार जिम्मेदार शिक्षकों पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं। सभी शिक्षक अभी भी पुलिस कस्टडी में हैं और उनसे सघन पूछताछ जारी है।
सदर डीएसपी 2 जितेश पाण्डेय ने मीडिया को बताया कि पुलिस ने लापता बच्चे की प्राथमिकी दर्ज कर खोजबीन की थी और अब शिक्षकों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही घटना के वास्तविक कारण और जिम्मेदारों की जानकारी मिल पाएगी।
ग्रामीण और अभिभावक प्रशासन से इस पूरे मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जाँच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि छात्र रवि कुमार को न्याय मिल सके।







