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जंगल राज नहीं, विकास राज चाहिए : अमित शाह

लोकल डेस्क, एन के सिंह।
 

राजद-कांग्रेस पर हमला। बोले शाह, कहा बिहार में कट्टा नहीं, अब गोलाबारी पाकिस्तान पर होनी चाहिए। बिहार की चुनावी सरगर्मी अब चरम पर है। गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्वी चंपारण के जिला स्कूल मैदान से एनडीए का सबसे बड़ा चुनावी बिगुल फूंक दिया। सभा स्थल पर भीड़ के जोश के बीच अमित शाह ने जब माइक संभाला तो उनका पहला वाक्य ही तालियों की गूंज में डूब गया- कट्टा लहराने वाली सरकार चाहिए या पाकिस्तान पर गोले बरसाने वाली सरकार? मंच पर यह सवाल गूंजा और मैदान ने जवाब दिया-गोला बरसाने वाली सरकार।

शाह ने कहा कि यह वही चंपारण की भूमि है जहां से गांधीजी ने सत्याग्रह का बिगुल फूंका था और अब इसी भूमि से बिहार के विकास का नया सत्याग्रह शुरू हो रहा है। उन्होंने जनता से कहा कि 14 तारीख को लालू और सोनिया की पार्टी का सुपड़ा साफ होगा, बिहार फिर से डबल इंजन की सरकार बनाएगा।

राजद-कांग्रेस पर घुसपैठ का आरोप

अमित शाह ने राजद और कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वे बिहार में “घुसपैठियों के लिए बोर्ड” बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की यात्राएं किसानों या युवाओं के लिए नहीं थीं, बल्कि घुसपैठियों को बचाने के लिए निकाली गई थीं। शाह ने भीड़ से सवाल किया-क्या बिहार की मतदाता सूची से घुसपैठियों को निकालना चाहिए या नहीं? जनता ने जोरदार हां में जवाब दिया तो शाह ने कहा कि लालू और राहुल दोनों बिहार को घुसपैठ से भरना चाहते हैं, लेकिन हम एक-एक घुसपैठिए को बाहर करेंगे। 

शहाबुद्दीन और जंगलराज पर प्रहार

गृह मंत्री ने कहा कि आरजेडी अब भी शहाबुद्दीन जैसे बाहुबलियों के राज को याद कर रही है। उन्होंने कहा कि लालू जी, आपकी तीन पीढ़ियां भी आ जाएं, बिहार में अब शहाबुद्दीन का राज लौट नहीं सकता। शाह ने भीड़ से पूछा कि क्या फिर डकैती, अपहरण और फिरौती का राज लौटाना है? मैदान से गूंज उठा-नहीं। उन्होंने कहा कि जंगल राज को रोकना केवल नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी ही जानते हैं।

हिसाब किताब का मंच बना मोतिहारी

अमित शाह ने मनमोहन सिंह और नरेंद्र मोदी सरकार की तुलना करते हुए कहा कि दस साल में यूपीए सरकार ने बिहार को केवल 2.8 लाख करोड़ रुपये दिए, जबकि मोदी सरकार ने 10 साल में 18.7 लाख करोड़ रुपये भेजे। उन्होंने कहा कि मैं बनिया का बेटा हूं, हिसाब लेकर आया हूं। कांग्रेस और लालू बताएं-बिहार को आखिर दिया क्या? शाह ने मंच से यह भी बताया कि मोदी सरकार ने बिहार के हर वर्ग को छुआ है।  8.52 करोड़ परिवारों को मुफ्त अनाज, 87 लाख किसानों को किसान सम्मान निधि, 44 लाख घरों का निर्माण और अब 50 लाख और घर बनाने की योजना। उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि की राशि 6000 से बढ़ाकर 9000 करने का वादा पूरा किया जाएगा।

आस्था, राम जानकी पथ और सीता मंदिर का वादा

चंपारण की जनता से भावनात्मक अपील करते हुए अमित शाह ने कहा कि बिहार की भूमि राम और सीता माता की है। उन्होंने कहा कि सीतामढ़ी से अयोध्या तक राम-जानकी पथ बन रहा है। 850 करोड़ रुपये से सीता माता का मंदिर बन रहा है। लालू और राहुल आए तो यह काम रुक जाएगा, लेकिन अगर एनडीए की सरकार बनी तो यह मंदिर भव्य रूप में पूरा होगा।

सभा का नारा-जंगल राज नहीं, विकास राज चाहिए

शाह के भाषण के दौरान भीड़ लगातार “भारत माता की जय” और “फिर एक बार NDA सरकार” के नारे लगा रही थी। सभा में सांसद राधा मोहन सिंह, सांसद संतोष पांडेय, भाजपा प्रत्याशी प्रमोद कुमार, डॉ. लालबाबू प्रसाद और महिला मोर्चा की कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहीं।
सभा के अंत में शाह ने कहा कि यह भूमि गांधी और जयप्रकाश की है, अब इस भूमि से जंगल राज को मिटाकर विकास का नया अध्याय शुरू होगा।