नेशनलडेस्क, श्रेयांश पराशर l
नई दिल्ली l देश में जलवायु परिवर्तन के बढ़ते असर को देखते हुए केंद्र सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में बताया कि सरकार जलवायु परिवर्तन के कारण कृषि को हो रहे नुकसान को लेकर गंभीर है और इससे निपटने के लिए वैज्ञानिक तरीकों को अपनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नारियल किसानों की समस्याओं पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। यदि चक्रवात या प्राकृतिक आपदाओं के कारण नारियल के पेड़ गिर जाते हैं, तो उनके स्थान पर नए पौधे लगाए जा रहे हैं। इसके लिए राज्य सरकारों को आवश्यक सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि किसानों को जल्द से जल्द राहत दी जा सके।
कृषि मंत्री ने आगे बताया कि बढ़ते तापमान और असामान्य मौसम के कारण फसलों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है, ताकि किसान किसी भी प्राकृतिक संकट की स्थिति में अकेला न महसूस करे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले वर्ष फरवरी और मार्च में अत्यधिक गर्मी के बावजूद कई क्षेत्रों में फसलों की पैदावार पर बड़ा असर नहीं पड़ा।
सूखे जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत एक करोड़ से अधिक किसानों को सहायता प्रदान की गई है। साथ ही, मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार और भूमि को हो रहे नुकसान को रोकने के लिए भी व्यापक स्तर पर योजनाएं चलाई जा रही हैं।
सरकार ने प्राकृतिक और जैविक खेती को भी अपनी प्राथमिकता में शामिल किया है। किसानों को इस दिशा में प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मिट्टी की जांच की व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है, ताकि किसान वैज्ञानिक तरीकों से खेती कर सकें और उनकी आमदनी में बढ़ोतरी हो सके।
सरकार का कहना है कि किसानों की सुरक्षा और खेती को जलवायु के प्रभाव से बचाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और आने वाले समय में इस दिशा में और ठोस कदम उठाए जाएंगे।







