विदेश डेस्क, ऋषि राज
टोक्यो: जापान के उत्तरी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में सोमवार को रात के अंधेरे में 7.6 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने पूरे देश में दहशत फैला दी। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के मुताबिक रिक्टर पैमाने पर 7.6 तीव्रता दर्ज की गई, इसके तुरंत बाद उत्तर पूर्वी तट पर 3 मीटर (10 फीट) तक सुनामी की चेतावनी जारी की।
होक्काइडो और आओमोरी में रेड अलर्ट: सुनामी की चेतावनी के बाद होक्काइडो, आओमोरी और इवाते प्रान्तों में सायरन बजने लगे हैं. स्थानीय प्रशासन ने इमरजेंसी सेवाओं को अलर्ट मोड पर डाल दिया है. 7.6 की तीव्रता वाला भूकंप बेहद खतरनाक माना जाता है, इससे इमारतों को नुकसान पहुंचने की भी आशंका है।
JMA के अनुसार, भूकंप का केंद्र आओमोरी प्रांत के तट के पास 41.0 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 142.3 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था। इस क्षेत्र में समुद्र की गहराई अपेक्षाकृत कम होने के कारण सुनामी की आशंका और बढ़ जाती है। एजेंसी ने तटीय क्षेत्रों के निवासियों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने और समुद्र से दूरी बनाने की अपील की है।
भूकंप इतना तेज था कि ऊँची इमारतों से लेकर घरों से लोग बाहर निकल आए और कई प्रमुख शहरों में अलर्ट जारी कर दिया गया। भूकंप के बाद देशभर से कई शहरों में इमारतों के हिलने, बिजली कटने और परिवहन सेवाएँ बाधित होने की खबरें मिलीं। हालांकि, प्रारंभिक रिपोर्टों में बड़े पैमाने पर जनहानि या गंभीर क्षति की सूचना नहीं है, लेकिन प्रशासन ने स्थिति पर लगातार निगरानी बनाई रखी है। जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने आपातकालीन बैठक बुलाई है और बचाव एजेंसियों को पूरी तरह अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
भूकंप के तेज झटकों ने रेलवे सेवाओं पर भी असर डाला। शिंकानसेन (बुलेट ट्रेन) की कई लाइनों को एहतियातन रोक दिया गया, जबकि एयरलाइंस ने उत्तरी जापान की कुछ उड़ानों को पुनर्निर्धारित करने की घोषणा की। स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों को तत्काल खाली करवाया गया। सोशल मीडिया पर लोगों ने अपने-अपने इलाकों में महसूस किए गए झटकों के वीडियो साझा किए, जिनमें कमरे के सामान के गिरने और सड़क पर लोगों के भागने जैसे दृश्य देखे गए।
जापान विश्व के सबसे संवेदनशील भूकंपीय क्षेत्रों में से एक है, जहाँ टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधि के कारण अक्सर तेज भूकंप आते रहते हैं। इसी कारण देश की इमारतें और बुनियादी ढाँचे भूकंप-रोधी तकनीकों से लैस रहते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि 7.6 की तीव्रता का भूकंप बेहद शक्तिशाली होता है और यदि केंद्र अधिक आबादी वाले क्षेत्र के पास होता, तो नुकसान कहीं अधिक हो सकता था।
फिलहाल जापानी प्रशासन ने लोगों से शांत और सतर्क रहने, आधिकारिक निर्देशों का पालन करने और तटीय क्षेत्रों में संभव सुनामी के खतरे को गंभीरता से लेने की अपील की है।







