क्राइम डेस्क - प्रीति पायल
उत्तर प्रदेश के जौनपुर में एक ऐसी घटना हुई है जो इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली है। जफराबाद थाना इलाके के अहमदपुर गांव में एक बेटे ने धन और जायदाद के लालच में अपने बूढ़े मां-बाप की निर्मम हत्या कर दी। इसके बाद उसने शवों को बोरियों में भरकर गोमती नदी में बहा दिया।
मारे गए लोग वृद्ध दंपती श्याम बहादुर और उनकी पत्नी बबिता देवी थे, जबकि आरोपी उनका इकलौता पुत्र अम्बेश कुमार है। 8 दिसंबर 2025 की शाम लगभग 8 बजे यह जघन्य अपराध हुआ।अम्बेश की प्रेम विवाह के बाद से ही घर में धन-संपत्ति को लेकर तनाव चल रहा था। उस शाम भी जब अम्बेश ने पैसों की मांग की तो बात बढ़ गई। आपे से बाहर होकर उसने घर में पड़े खलबट्टे (सिलबट्टे) से अपने माता-पिता के सिर पर इतने वार किए कि दोनों की वहीं जान चली गई।
हत्या के बाद अम्बेश ने पहले शवों को बोरों में बंद किया, फिर पूरे घर का खून पोंछकर सफाई की। इसके बाद पिता की ही गाड़ी में शवों को घर से करीब 7 किलोमीटर दूर बेलाव घाट/पुल तक ले जाकर गोमती नदी में फेंक दिया।
नदी में शव बहाने के बाद अम्बेश वाराणसी चला गया, जहां उसने गंगा में स्नान किया और घाटों पर समय बिताया। घर लौटकर उसने माता-पिता के लापता होने का ड्रामा रचा और रिश्तेदारों को इसकी जानकारी दी। 12 दिसंबर को वह खुद भी फरार हो गया।
माता-पिता के गायब होने की रिपोर्ट मिलने पर पुलिस ने तीन टीमें बनाकर तफ्तीश शुरू की। अम्बेश पर संदेह गहराने पर 15 दिसंबर को उसे उसके घर के आसपास से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की पूछताछ में उसने पूरा गुनाह कबूल कर लिया।
फिलहाल पुलिस ने लगभग 15 गोताखोरों की मदद से नदी में शवों की तलाश शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक कोई कामयाबी नहीं मिली है। खोज अभियान लगातार जारी है। हत्या के आरोप में FIR दर्ज करके आरोपी से विस्तृत पूछताछ चल रही है।
यह घटना पूरे इलाके में हड़कंप मचा चुकी है और रिश्तों की पवित्रता पर सवालिया निशान लगा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह कलयुग के बेटे की क्रूर हरकत है।







