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ट्रंप BBC को घसीटेंगे कोर्ट

विदेश डेस्क, ऋषि राज |

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में हैं। इस बार मामला सीधे मीडिया से जुड़े विवाद का है। ट्रंप ने घोषणा की है कि वे ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (BBC) के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। उनका आरोप है कि बीबीसी की पार्टनर मीडिया कंपनी 'पैनोरमा' ने उनके भाषण को संपादित (एडिट) कर गलत तरीके से प्रस्तुत किया, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है।

15 नवंबर को वाशिंगटन में ट्रंप ने एक बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि पैनोरमा ने उनके भाषण के साथ छेड़छाड़ की है और जानबूझकर उनके वक्तव्य को गलत संदर्भ में दिखाया गया है। ट्रंप ने कहा कि यह "राजनीतिक साजिश" और "मीडिया मैनिपुलेशन" का उदाहरण है, जिसके खिलाफ वे कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।

ट्रंप टीम का दावा है कि भाषण को ऐसे एडिट किया गया जिससे यह लगे कि ट्रंप ने चुनाव, प्रवासन और अमेरिकी आर्थिक नीतियों पर भड़काऊ बयान दिए हैं। ट्रंप के अनुसार, असली बयान का भाव और संदर्भ पूरी तरह बदल दिया गया है।

पैनोरमा की सफाई और माफी

मामला बढ़ने पर पैनोरमा मीडिया ने ट्रंप से माफी मांग ली, लेकिन उन्होंने नुकसान की भरपाई (मुआवजा) से इनकार कर दिया। ट्रंप की कानूनी टीम का कहना है कि सिर्फ माफी काफ़ी नहीं है क्योंकि एडिटेड क्लिप दुनिया भर में प्रसारित हुई, जिससे उनकी राजनीतिक छवि और विश्वसनीयता पर आघात पहुंचा है।

अगले वर्ष अमेरिकी चुनाव होने वाले हैं, और ट्रंप पहले से ही नए सिरे से चुनावी अभियान में सक्रिय हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी किसी भी बयान की गलत रिपोर्टिंग या एडिटिंग उनके चुनावी अभियान को नुकसान पहुंचा सकती है। यही वजह है कि ट्रंप कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहते और सीधे कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाने जा रहे हैं।

बीबीसी की प्रतिक्रिया

बीबीसी ने अभी तक ट्रंप की कानूनी धमकी पर आधिकारिक बयान नहीं दिया है। लेकिन संगठन के सूत्रों के अनुसार, मामला पैनोरमा का है, और बीबीसी इस पर आंतरिक समीक्षा कर रहा है।

मीडिया बनाम ट्रंप

ट्रंप और मीडिया के बीच तनाव कोई नई बात नहीं है। अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई मीडिया संस्थानों को “फेक न्यूज़” करार दिया था। अब यह नया विवाद उसी खींचतान को और गहरा करता दिख रहा है। अगर ट्रंप वास्तव में मुकदमा दायर करते हैं, तो यह मामला अमेरिका और ब्रिटेन दोनों की राजनीति और मीडिया क्षेत्र में बड़ा मुद्दा बन सकता है।