नेशनल डेस्क, श्रेयांश पराशर l
प्रर्वतन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को तुरा, पश्चिमी गारो हिल्स में अपनी पहली बड़ी छापेमारी करते हुए गारो हिल्स स्वायत्त जिला परिषद (जीएचडीसी) के कोष में कथित रूप से हुए 28.66 करोड़ रुपये के दुरुपयोग की जांच को आगे बढ़ाया। यह छापेमारी उन पाँच संपत्तियों पर की गई, जो आरोपित व्यक्तियों से जुड़ी हुई बताई जा रही हैं।
ईडी के अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई मुख्य अभियुक्त बाइरिंग उस्तीन मराक, इस्माइल मराक, और ठेकेदार क्यूबोन संगमा तथा निकसंग संगमा की संदिग्ध संपत्तियों पर केंद्रित थी। एजेंसी को संदेह है कि परिषद द्वारा असनंग विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए आवंटित धनराशि का सही उपयोग करने के बजाय इसे गलत चैनलों में खर्च किया गया।
प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि जीएचडीसी को जो 28.66 करोड़ रुपये विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए आवंटित किए गए थे, वे निर्धारित कामों में खर्च ही नहीं किए गए। अधिकारियों का कहना है कि धनराशि कई ऐसी परियोजनाओं पर खर्च दिखाई गई है, जो जमीन पर मौजूद ही नहीं हैं। इससे स्पष्ट है कि फंड का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया है। ईडी को आशंका है कि यह राशि ठेकेदारों और कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों की मिलीभगत से हड़पी गई।
छापेमारी के दौरान एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और वित्तीय रिकार्ड जब्त किए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जाएगी। ईडी का मानना है कि इन दस्तावेजों के आधार पर इस पूरे घोटाले की असल तस्वीर और भी स्पष्ट होगी। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में कुछ और लोगों से पूछताछ की जा सकती है, जिससे इस मामले में और बड़े खुलासे संभव हैं।
यह कार्रवाई मेघालय में भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में अनियमितताओं पर एजेंसियों की कड़ी निगरानी का संकेत देती है।







