विदेश डेस्क - वेरॉनिका राय
ब्राज़ील के दक्षिणी शहर गुआइबा में सोमवार दोपहर तेज़ आंधी और तूफानी हवाओं के कारण स्टैच्यू ऑफ़ लिबर्टी की लगभग 40 मीटर ऊँची प्रतिकृति गिर गई। यह प्रतिकृति अमेरिका के न्यूयॉर्क में स्थित असली स्टैच्यू ऑफ़ लिबर्टी नहीं थी, बल्कि ब्राज़ील की एक रिटेल कंपनी हावन (Havan) के स्टोर के बाहर लगाई गई थी। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
स्थानीय प्रशासन और कंपनी अधिकारियों के अनुसार, जब दक्षिणी ब्राज़ील में तेज़ तूफानी सिस्टम सक्रिय हुआ, उसी दौरान गुआइबा शहर में ज़ोरदार हवाएं चलीं। इन्हीं तेज़ हवाओं की चपेट में आकर हावन मेगास्टोर के पार्किंग एरिया में लगी स्टैच्यू ऑफ़ लिबर्टी की प्रतिकृति हिलने लगी और कुछ ही देर में गिरकर टूट गई।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि तेज़ हवा के दबाव में मूर्ति का ऊपरी हिस्सा पहले झुकता है और फिर संतुलन खोकर नीचे गिर जाता है। गिरते ही मूर्ति का सिर पूरी तरह चकनाचूर हो गया। यह प्रतिकृति एक फास्ट-फूड आउटलेट (मैकडॉनल्ड्स) के पास स्थित थी, जिससे हादसे के वक्त आसपास लोगों की मौजूदगी की आशंका थी, लेकिन सौभाग्य से कोई हताहत नहीं हुआ।
कंपनी अधिकारियों ने बताया कि यह प्रतिकृति लगभग 114 फीट (करीब 40 मीटर) ऊँची थी। हालांकि, पूरी संरचना नहीं गिरी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगभग 24 मीटर (78 फीट) ऊँचा ऊपरी हिस्सा ही तेज़ हवाओं में ढह गया, जबकि 11 मीटर (36 फीट) ऊँचा पेडेस्टल सुरक्षित और खड़ा रहा।
गौरतलब है कि हावन कंपनी ने अपने कई स्टोर्स के बाहर स्टैच्यू ऑफ़ लिबर्टी जैसी प्रतिकृतियां लगाई हैं। ब्राज़ील भर में ऐसी दर्जनों प्रतिकृतियां मौजूद हैं, जो कंपनी की ब्रांड पहचान का हिस्सा मानी जाती हैं। गुआइबा में गिरी यह मूर्ति भी उन्हीं में से एक थी।
स्थानीय प्रशासन ने घटना के बाद इलाके को सुरक्षित कर लिया और मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। कंपनी की ओर से भी बयान जारी कर कहा गया है कि वे घटना की तकनीकी जांच कराएंगे ताकि यह पता लगाया जा सके कि तेज़ हवाओं में संरचना क्यों टिक नहीं पाई।
मौसम विभाग ने पहले ही दक्षिणी ब्राज़ील में तेज़ हवाओं, भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की थी। विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम पैटर्न के कारण ऐसी चरम मौसम घटनाएं अब अधिक देखने को मिल रही हैं।
इस हादसे ने एक बार फिर बड़े और ऊँचे ढांचों की सुरक्षा और मजबूती पर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर उन इलाकों में जहां तेज़ आंधी-तूफान आम बात हो गई है।







