लोकल डेस्क, आर्या कुमारी।
गोपालगंज: थावे दुर्गा मंदिर में 17 दिसंबर की रात हुई चोरी की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। महज सात दिनों के भीतर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इस कांड के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान दीपक राय के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले का निवासी है। मंगलवार को जिले के पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित ने प्रेस वार्ता कर पूरे मामले की जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी दीपक राय ने चोरी की वारदात को अंजाम देने से पहले पूरी योजना बनाई थी। उसने बिहार पुलिस पर आधारित फिल्म खाकी और यूट्यूब पर मौजूद कई क्राइम वीडियो देखकर चोरी का प्लान तैयार किया। जांच में सामने आया है कि 10 और 11 दिसंबर को मंदिर परिसर की रेकी की गई थी, जिसके बाद 17 दिसंबर की रात गर्भगृह से माता का सोने का मुकुट, सोने की छतरी और हार चोरी कर लिया गया।
एसपी ने बताया कि इस वारदात में दो चोर शामिल थे। गिरफ्तार आरोपी दीपक राय पहले भी आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहा है। वह इसी साल 3 मार्च को उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में स्थित शीतला मंदिर में चोरी की घटना को अंजाम दे चुका है। 13 नवंबर को जेल से रिहा होने के बाद उसने थावे मंदिर में चोरी की योजना बनाई।
पुलिस ने आरोपी के पास से घटना के समय पहने गए जूते, बैग और मफलर बरामद किए हैं। चोरी किए गए आभूषणों की बरामदगी के लिए उत्तर प्रदेश के गाजीपुर, मऊ और प्रयागराज में लगातार छापेमारी की जा रही है। हालांकि इस कांड में शामिल दूसरा आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
गौरतलब है कि चोरी की घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी, जिसके आधार पर पुलिस को अहम सुराग मिले। वहीं, घटना के बाद जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार उर्फ पप्पू पांडेय ने मंदिर पहुंचकर सोने का मुकुट और आभूषण दान किए थे और चोरी करने वालों को शीघ्र सजा मिलने की बात कही थी। उनके बयान के 24 घंटे के भीतर ही मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को पुलिस बड़ी सफलता मान रही है।







