लोकल डेस्क, आर्या कुमारी।
दारौंदा थाना क्षेत्र इन दिनों लगातार दो पुलिसकर्मियों की मौतों से दहशत के माहौल में है। महज तीस दिनों के भीतर एक एएसआई की निर्मम हत्या और अग्निशमन विभाग के एक सिपाही की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। दोनों घटनाओं ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को चिंतित किया है बल्कि पुलिस विभाग भी गहरे सदमे में है।
29 अक्टूबर 2025 की रात दरौंदा थाना में तैनात एएसआई अनिरुद्ध कुमार की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। उनकी पत्नी कुमारी संजू के अनुसार, घटना वाली रात करीब 9:30 बजे उन्होंने फोन कर बताया था कि कुछ लोग राहुल, इमरान, माफिया, उनकी पत्नी निहारिका और माफिया की पत्नी लक्ष्मी उन्हें बुला रहे थे और उन्हें इस कॉल पर आशंका थी। उसी रात उनका संपर्क टूट गया और अगले दिन सुबह उनका शव सिरसाव नवका टोला के अरहर खेत में गला रेतकर फेंका हुआ मिला। पुलिस ने इस मामले में सभी आरोपी गिरफ्तार कर केस का खुलासा कर लिया है।
इसके बाद 29 नवंबर की रात अग्निशमन दल के जवान बुंदेल कुमार का शव किराए के कमरे में फंदे से लटका पाया गया। परिजन इसे सुसाइड मानने को तैयार नहीं हैं और इसे सोची-समझी हत्या बता रहे हैं। पुलिस ने मौके से मृतक का मोबाइल, कपड़े और अन्य सबूत जब्त कर लिए हैं, वहीं एफएसएल टीम भी जांच में जुटी हुई है। परिजनों के बयान के आधार पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
लगातार दो पुलिसकर्मियों की मौतों ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि जब पुलिसकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? इसी कारण लोग इन घटनाओं से भयभीत और आक्रोशित हैं।
वहीं, पुलिस प्रशासन दोनों मामलों की गंभीरता को देखते हुए हर कोण से जांच कर रहा है। स्थानीय लोगों की मांग है कि दोनों घटनाओं की पारदर्शी जांच हो और असली दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रुके।







