Ad Image
Ad Image

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

दिल्ली में जहरीली हवा: कक्षा 5 तक स्कूलों की ऑफलाइन क्लासेस बंद

नेशनल डेस्क , मुस्कान कुमारी 

नई दिल्ली। दिल्ली में प्रदूषण का कहर जारी रहने से सरकार ने कक्षा 5 तक के छात्रों के लिए सभी स्कूलों में ऑफलाइन क्लासेस पूरी तरह बंद कर दीं। सोमवार को AQI 427 पर 'सीवियर' रहा, जबकि रविवार को यह 461 तक पहुंच गया था – दिसंबर का दूसरा सबसे खराब रिकॉर्ड।

राजधानी में घने स्मॉग ने जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, सोमवार को शहर का औसत AQI 427 दर्ज किया गया, जो 'सीवियर' श्रेणी में आता है। इससे एक दिन पहले रविवार को AQI 461 पहुंचा, जो इस सीजन का सबसे खराब स्तर और दिसंबर महीने का दूसरा सबसे ऊंचा रीडिंग है। मंगलवार को हवा 'वेरी पुअर' कैटेगरी में रहने की संभावना है, लेकिन राहत दूर दिख रही।

छोटे बच्चों की सेहत पर खतरा: ऑनलाइन मोड अनिवार्य

शिक्षा निदेशालय (DoE) ने सोमवार को सर्कुलर जारी कर सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों को निर्देश दिया कि नर्सरी से कक्षा 5 तक की फिजिकल क्लासेस तत्काल प्रभाव से बंद की जाएं। इन कक्षाओं के लिए अब पूरी तरह ऑनलाइन पढ़ाई होगी, जब तक आगे आदेश न हों।

शिक्षा मंत्री अशिश सूद ने इसे "बच्चों की सेहत बचाने का जरूरी और सतर्क कदम" बताया। छोटे बच्चों पर प्रदूषण का असर ज्यादा पड़ता है, इसलिए यह फैसला लिया गया। शाम तक अभिभावकों को व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए सूचना भेजी गई। कक्षा 6 से ऊपर की क्लासेस हाइब्रिड मोड में जारी रहेंगी, जहां छात्रों को ऑनलाइन या ऑफलाइन आने का विकल्प है। हालांकि, कक्षा 10 और 12 को बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर छूट दी गई है।

हाईकोर्ट ने भी दी हाइब्रिड सुनवाई की सलाह

प्रदूषण के चलते दिल्ली हाईकोर्ट ने वकीलों और पक्षकारों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हाइब्रिड मोड में पेश होने की सलाह दी। रजिस्ट्रार जनरल के सर्कुलर में कहा गया कि मौसम की स्थिति को देखते हुए यह सुविधा इस्तेमाल करें। कोर्ट पहले से हाइब्रिड मोड में चल रहा है, लेकिन यह कदम स्वास्थ्य जोखिम कम करने के लिए उठाया गया।

NCR में भी 'सीवियर' प्रदूषण, स्वास्थ्य पर बुरा असर

गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा जैसे NCR शहरों में भी AQI 'सीवियर' रहा। शहर के 27 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर 'सीवियर' और 12 पर 'वेरी पुअर' रीडिंग दर्ज हुई। विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों और बुजुर्गों में सांस की बीमारियां 30% तक बढ़ गई हैं।

कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने बताया कि प्रदूषण की मुख्य वजह उत्तर-पश्चिम भारत में कमजोर पश्चिमी विक्षोभ है। इससे हवा की रफ्तार घटी, दिशा बदल गई और नमी बढ़ी, जिससे प्रदूषक नीचे फंस गए। वाहनों, धूल और अन्य स्रोतों से उत्सर्जन तो जारी है ही।

AQI का मतलब क्या?

AQI 0-500 के स्केल पर मापा जाता है। 401-450 'सीवियर' और 451-500 'सीवियर प्लस' कहलाता है। ऊंचा AQI सांस, आंखों और दिल की समस्याएं बढ़ाता है। हर सर्दी में दिल्ली-NCR और इंडो-गैंगेटिक प्लेन में यह समस्या बढ़ती है – कम हवा, ठंड और पराली जलाने जैसे कारणों से।

आने वाले दिनों में AQI 'वेरी पुअर' रह सकता है। विशेषज्ञ घर में रहने, मास्क पहनने और बाहर निकलने से बचने की सलाह दे रहे हैं।