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दिल्ली में दमघोंटू हवा: AQI 430 पार, NCR में सांस लेना मुश्किल

नेशनल डेस्क, वेरॉनिका राय |

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक बना हुआ है। रविवार सुबह भी राजधानी की हवा “बेहद खराब” श्रेणी में दर्ज की गई। आनंद विहार में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 430 तक पहुंच गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। वहीं, पूरे एनसीआर में कई जगहों पर AQI 300 से ऊपर दर्ज किया गया है। प्रदूषण के इस बढ़ते स्तर से लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में दिक्कत की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

दिल्ली की हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, रविवार सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत एक्यूआई 322 दर्ज किया गया, जो “बहुत खराब” श्रेणी में है। इंडिया गेट क्षेत्र में AQI 325 रहा, जबकि लोधी रोड पर यह 283 दर्ज किया गया। राजधानी के ज्यादातर इलाकों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब बनी हुई है। सरकार और नगर निगम द्वारा प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सड़कों पर पानी का छिड़काव और सफाई अभियान चलाया जा रहा है, ताकि धूलकण कम हो सकें। हालांकि, अभी तक राहत के आसार नहीं दिख रहे हैं।

NCR का हाल और भी खराब

दिल्ली से सटे शहरों में भी वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है... सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार:

  • आनंद विहार: 430 (गंभीर)
  • दिल्ली एयरपोर्ट (IGI): 269 (खराब)
  • जहांगीरपुरी: 370 (बहुत खराब)
  • लोधी रोड: 283 (खराब)
  • रोहिणी: 362 (बहुत खराब)
  • लोनी, गाजियाबाद: 320 (बहुत खराब)
  • इंदिरापुरम: 319 (बहुत खराब)
  • वसुंधरा: 345 (बहुत खराब)
  • सेक्टर 62, नोएडा: 288 (खराब)
  • नॉलेज पार्क, ग्रेटर नोएडा: 283 (खराब)
  • सेक्टर 51, गुरुग्राम: 355 (बहुत खराब)

दिल्ली के साथ-साथ नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे क्षेत्रों में भी हवा में प्रदूषण के कण बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यह स्थिति बुजुर्गों, बच्चों और सांस से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए खतरनाक हो सकती है।

धीमी हवा और पराली जलाने से बढ़ रहा प्रदूषण

मौसम विभाग के अनुसार, हवा की गति में लगातार कमी आ रही है, जिससे प्रदूषक तत्व जमीन के पास जमा हो रहे हैं। साथ ही पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में पराली जलाने के मामले भी बढ़ रहे हैं, जिसका सीधा असर दिल्ली-एनसीआर की हवा पर पड़ रहा है।

मौसम में बदलाव, बढ़ी हल्की ठंडक

दिल्ली में मौसम का मिजाज भी धीरे-धीरे बदलने लगा है। दिन में हल्की धूप है, लेकिन शाम होते ही ठंडक महसूस होने लगी है। शनिवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 16.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.3 डिग्री कम था। वहीं, गुरुग्राम में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 31.7 डिग्री सेल्सियस रहा।

सुबह के समय हल्की धुंध छाने लगी है और दृश्यता में भी थोड़ी कमी आई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट हो सकती है, जिससे सर्दी का असर बढ़ेगा।

कृषि के लिए राहत की खबर

जहां प्रदूषण आम लोगों के लिए परेशानी बन रहा है, वहीं किसानों के लिए यह मौसम राहत लेकर आया है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, तापमान में आई गिरावट रबी फसलों जैसे गेहूं, सरसों और चने की बुआई के लिए उपयुक्त है। यह मौसम फसलों की बढ़वार के लिए अनुकूल माना जाता है।

31 अक्टूबर तक रहेगा साफ मौसम

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अनुमान लगाया है कि 31 अक्टूबर तक आसमान साफ रहेगा। हालांकि, हवा की गति कम रहने से प्रदूषण का स्तर ऊंचा बना रह सकता है। नवंबर के पहले सप्ताह में न्यूनतम तापमान 13 से 14 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है, जिससे सर्दी और बढ़ेगी।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

विशेषज्ञों ने नागरिकों से अपील की है कि वे बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें, खासकर सुबह और रात के समय जब हवा में प्रदूषण ज्यादा होता है। बाहर निकलते समय एन95 मास्क पहनने और बच्चों व बुजुर्गों को प्रदूषित हवा से बचाने की सलाह दी गई है। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण फिलहाल राहत देने की स्थिति में नहीं है। मौसम विभाग और सीपीसीबी की रिपोर्टें साफ संकेत देती हैं कि आने वाले कुछ दिन सांसों पर भारी पड़ सकते हैं।