हेल्थ डेस्क, मुस्कान कुमारी ।
5 लक्षण जो अक्सर नज़रंदाज करते हैं लोग, जानलेवा साबित हो सकते हैं।
नई दिल्ली: स्वस्थ दिखने वाली धमनियां भी बिना किसी बड़े लक्षण के धीरे-धीरे ब्लॉक हो सकती हैं और एकाएक पूरी तरह बंद होकर दिल का दौरा, ब्रेन स्ट्रोक या पैरों में गैंग्रीन तक पैदा कर सकती हैं। वैस्कुलर सर्जन डॉ. सुमित कपाड़िया ने चेतावनी दी है कि एथेरोस्क्लेरोसिस नामक प्रक्रिया सालों तक बिना शोर मचाए चलती रहती है और ज्यादातर लोग इसे गैस, थकान या उम्र का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
छाती, पीठ या बाजू में दर्द को कभी हल्के में न लें
डॉ. कपाड़िया के अनुसार, सीने में जकड़न, दबाव या भारीपन जो बाजू, गर्दन, जबड़े या पीठ तक फैलता हो, खासकर मेहनत या तनाव के समय, सबसे आम लेकिन सबसे उपेक्षित लक्षण है। इसे ज्यादातर लोग एसिडिटी या मांसपेशियों का खिंचाव समझते हैं। पैदल चलते समय टांगों में दर्द (क्लॉडिकेशन) भी उसी ब्लॉकेज का संकेत है। आराम करने से दर्द कुछ देर के लिए कम हो जाता है, लेकिन बार-बार होना गंभीर चेतावनी है।
सांस फूलना अब फिटनेस की कमी नहीं, दिल की पुकार है
सीढ़ियां चढ़ते या हल्का काम करते ही हांफना, खासकर लेटते समय और बदतर होना, धमनियों में रुकावट का स्पष्ट संकेत है। दिल को ऑक्सीजन कम मिलने से वह ज्यादा मेहनत करता है और फेफड़े प्रभावित होते हैं। धूम्रपान करने वालों और डायबिटीज के मरीजों में यह लक्षण पहले दिखता है। कई लोग इसे अस्थमा या मोटापा समझते रहते हैं।
बेवजह की थकान अब सिर्फ व्यस्तता नहीं
सुबह उठते ही थकान, दिनभर सुस्ती और मामूली काम से चूर होना भी ब्लॉक धमनियों की वजह से पूरे शरीर में ऑक्सीजन की कमी का लक्षण हो सकता है। महिलाओं में यह लक्षण खासतौर पर चुपचाप बढ़ता है और अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है।
हाथ-पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन गंभीर खतरे का इशारा
हाथ-पैर ठंडे पड़ना, उनमें सुई चुभने जैसी sensation या सुन्न होना परिधीय धमनी रोग (PAD) का लक्षण है। डायबिटीज के मरीजों में यह बहुत आम है। अगर समय रहते ध्यान न दिया तो पैरों में अल्सर और गैंग्रीन तक हो सकता है।
पैरों में सूजन को नमक या खड़े रहने का नाम न दें
एक या दोनों पैरों में लगातार सूजन, खासकर शाम को बढ़ना और सुबह कम होना, धमनियों-शिराओं के ब्लॉकेज से खून और फ्लुइड जमा होने का संकेत है। एक तरफ की सूजन तो और भी खतरनाक है। इसे नजरअंदाज करने से स्ट्रोक का खतरा दोगुना हो जाता है।
बचाव ही सबसे बड़ा इलाज
डॉ. कपाड़िया ने साफ कहा – नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और समय-समय पर कोलेस्ट्रॉल, ब्लड शुगर व ब्लड प्रेशर की जांच ही धमनियों को साफ रख सकती है। धूम्रपान पूरी तरह बंद करें।







