नेशनल डेस्क ,श्रेयांश पराशर l
दूरसंचार विभाग ने देश में मोबाइल सुरक्षा और उपभोक्ता संरक्षण को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विभाग ने मोबाइल हैंडसेट बनाने वाली कंपनियों और आयातकों को निर्देश दिया है कि वे आने वाले सभी नए मोबाइल मॉडलों में ‘संचार साथी’ ऐप पहले से इंस्टॉल करके ही बाजार में उतारें। यह नियम आदेश जारी होने की तारीख से 90 दिनों के भीतर लागू हो जाएगा।
दूरसंचार विभाग ने यह निर्णय मोबाइल चोरी, फर्जीवाड़े और उपभोक्ताओं की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए लिया है। ‘संचार साथी’ ऐप एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो फोन चोरी होने पर उसे ब्लॉक करने, अनधिकृत उपयोग रोकने और उपभोक्ता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने में मदद करता है। विभाग का मानना है कि यदि यह ऐप हर फोन में पहले से मौजूद होगा, तो फोन चोरी और धोखाधड़ी की घटनाओं में कमी आएगी और उपयोगकर्ता अपने डेटा को सुरक्षित रख सकेंगे।
निर्देश के अनुसार, नए मोबाइल फोन मॉडल चाहे देश में निर्मित हों या विदेश से आयातित, सभी में यह ऐप डिफ़ॉल्ट रूप से मौजूद होना आवश्यक होगा। पिछले महीने 28 नवंबर को जारी आदेश के तहत दूरसंचार विभाग ने स्पष्ट कहा था कि 90 दिनों के भीतर सभी कंपनियों को इस नियम का पालन करना होगा। नियम का उल्लंघन करने पर कार्रवाई भी की जा सकती है।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करेगा और उपभोक्ताओं के लिए एक अतिरिक्त सुरक्षा कवच साबित होगा। वहीं, कंपनियों को ऐप इंटीग्रेशन के लिए तकनीकी व्यवस्थाएँ समय पर सुनिश्चित करनी होंगी।
सरकार का यह कदम देश में सुरक्षित डिजिटल इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।







