नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नौसेना दिवस के अवसर पर भारतीय नौसेना के पराक्रम, साहस और अटूट प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए सभी नौसैनिकों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि “भारतीय नौसेना असाधारण हिम्मत और पक्के इरादे का दूसरा नाम है” यह कथन उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किए संदेश में दिया, जिसे देशभर में व्यापक रूप से देखा गया।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में यह भी उल्लेख किया कि नौसेना देश के तटीय क्षेत्रों की सुरक्षा के साथ-साथ समुद्री हितों को सुरक्षित रखने में निरंतर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि हालिया वर्षों में नौसेना ने आत्मनिर्भरता और आधुनिकीकरण को मजबूती से आगे बढ़ाया है, जिससे भारत की सुरक्षा क्षमताएँ और सुदृढ़ हुई हैं। प्रधानमंत्री के अनुसार, इस दिशा में नौसेना के प्रयास देश की रक्षा व्यवस्था को नई ऊँचाइयाँ प्रदान कर रहे हैं।
अपने संदेश में पीएम मोदी ने एक विशेष व्यक्तिगत अनुभव को याद करते हुए कहा कि आईएनएस विक्रांत पर नौसेना के जवानों के साथ मनाई गई उनकी दिवाली हमेशा उनके हृदय में बस कर रहेगी। उनका कहना था कि यह अनुभव देश की समुद्री शक्ति और नौसेनाओं की निष्ठा का प्रतीक है, जिसे वे कभी भूल नहीं सकते।
प्रधानमंत्री ने अंत में भारतीय नौसेना के सभी अधिकारियों और जवानों को आने वाले अभियानों और दायित्वों के लिए शुभकामनाएँ देते हुए उनके समर्पण और सेवा की सराहना की। उन्होंने विश्वास जताया कि नौसेना आने वाले समय में भी राष्ट्र की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निरंतर प्रगति करती रहेगी।
हर वर्ष 4 दिसंबर को मनाए जाने वाले नौसेना दिवस का इस बार मुख्य समारोह तिरुवनंतपुरम के षणमुगम समुद्र तट पर आयोजित किया गया। इससे एक दिन पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, जो तीनों सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर हैं, ने इसी तट पर नौसेना के युद्धपोतों का भव्य प्रदर्शन देखा था।







