Ad Image
Ad Image

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

पानी विवाद पर ट्रंप की मेक्सिको को धमकी

विदेश डेस्क, ऋषि राज |

वॉशिंगटन: अमेरिका और मेक्सिको के बीच जल आपूर्ति को लेकर कई वर्षों से चला आ रहा विवाद एक बार फिर गहरा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को मेक्सिको को सख्त चेतावनी दी कि यदि वह 1944 में हस्ताक्षरित द्विपक्षीय जल-संधि के तहत निर्धारित मात्रा में पानी की आपूर्ति नहीं करता, तो अमेरिका मेक्सिकन वस्तुओं पर अतिरिक्त पाँच प्रतिशत आयात शुल्क लगाने पर विचार कर सकता है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी करते हुए कहा कि मेक्सिको लगातार इस संधि का पालन करने में विफल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जल आपूर्ति में देरी के कारण अमेरिकी किसानों, विशेषकर टेक्सास के किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। ट्रंप के अनुसार, “मेक्सिको बीते पाँच वर्षों से हमारी संधि का ठीक से पालन नहीं कर रहा है। इस कारण अमेरिका को 8,00,000 एकड़-फीट (98.64 करोड़ घन मीटर) से अधिक पानी का कर्ज़दार बनना पड़ा है।”

1944 की जल संधि के अनुसार, मेक्सिको को रियो ग्रांडे नदी प्रणाली से नियमित अंतराल पर अमेरिका को जल उपलब्ध कराना होता है। अमेरिकी प्रशासन को उम्मीद थी कि मेक्सिको वर्ष समाप्त होने से पूर्व इस देनदारी का निपटारा कर देगा। ट्रंप ने कहा कि मेक्सिको को 31 दिसंबर से पहले 2,00,000 एकड़-फीट (24.66 करोड़ घन मीटर) पानी जारी करना अनिवार्य है, और बाकी बचा पानी भी जल्द से जल्द अमेरिका को मिलना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि मेक्सिको द्वारा जल आपूर्ति का पालन न करने से न केवल कृषि क्षेत्रों बल्कि पशुपालन उद्योग को भी गंभीर नुकसान हो रहा है। राष्ट्रपति के बयान के बाद दोनों देशों के विदेश मंत्रालय सक्रिय हो गए हैं और बातचीत के नए दौर की संभावना जताई जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप प्रशासन की यह चेतावनी व्यापारिक संबंधों में नई जटिलताएँ पैदा कर सकती है, क्योंकि पहले से ही कई उत्पादों पर शुल्क विवाद दोनों देशों के बीच तनाव को बढ़ा चुका है। यदि अमेरिका इस नए टैरिफ नीति को लागू करता है, तो इसका सीधा असर मेक्सिको की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है, क्योंकि अमेरिका उसका सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।

हालाँकि मेक्सिको ने अभी तक ट्रंप के बयानों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन माना जा रहा है कि वह कूटनीतिक बातचीत के माध्यम से इस विवाद को सुलझाने की कोशिश करेगा। जल विवाद का यह मुद्दा आने वाले दिनों में द्विपक्षीय संबंधों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।