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पालघर में माउंटेन टनल-5 तैयार, बुलेट ट्रेन परियोजना को बड़ी कामयाबी

नेशनल डेस्क, श्रेयांश पराशर l

नई दिल्ली। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। महाराष्ट्र के पालघर जिले में पहाड़ी सुरंग-5 (माउंटेन टनल-5) का शुक्रवार को सफल परीक्षण पूरा कर लिया गया। लगभग 1.5 किलोमीटर लंबी यह सुरंग विरार और बोईसर बुलेट ट्रेन स्टेशनों के बीच स्थित है। इसके पूरा होने से परियोजना के निर्माण कार्य को नई गति मिलने की उम्मीद है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिल्ली स्थित रेल भवन से ऑनलाइन माध्यम के जरिए इस कार्यक्रम में भाग लिया और रेलवे की इस उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने कहा कि 1.5 किलोमीटर लंबी यह पहाड़ी सुरंग पालघर जिले की सबसे लंबी सुरंगों में शामिल है। यह महाराष्ट्र में मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की दूसरी सुरंग है, जिसका निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है।
इससे पहले सितंबर 2025 में ठाणे और बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) के बीच देश की पहली लगभग पांच किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड हाई-स्पीड रेल सुरंग का निर्माण पूरा किया गया था। रेल मंत्री ने बताया कि मुंबई-अहमदाबाद के बीच कुल 508 किलोमीटर लंबी बुलेट ट्रेन परियोजना गुजरात, महाराष्ट्र और दादरा एवं नगर हवेली से होकर गुजरती है।

रेल मंत्री ने जानकारी दी कि जापान की अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित यह बुलेट ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। इसके शुरू होने के बाद मुंबई से अहमदाबाद की यात्रा, जो वर्तमान में सात से आठ घंटे में पूरी होती है, घटकर मात्र दो घंटे 17 मिनट में पूरी हो सकेगी। उन्होंने बताया कि इस पूरी परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 1.08 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें से करीब 55 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि माउंटेन टनल-5 की खुदाई पूरी होना परियोजना के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि बुलेट ट्रेन परियोजना में कुल सात पहाड़ी सुरंगें हैं, जिनमें से एक सुरंग समुद्र के नीचे बनाई जा रही है। इस परियोजना में कुल 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं। महाराष्ट्र में मुंबई, ठाणे, विरार और बोईसर, जबकि गुजरात में वापी, बिलीमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आणंद, अहमदाबाद और साबरमती स्टेशन शामिल हैं।
रेल मंत्री ने यह भी बताया कि आमतौर पर इतनी लंबी दूरी की रेल परियोजनाओं में दो डिपो बनाए जाते हैं, लेकिन इस बुलेट ट्रेन परियोजना में तीन डिपो बनाए जा रहे हैं, ताकि संचालन और रखरखाव बेहतर ढंग से किया जा सके। उन्होंने कहा कि बुलेट ट्रेन परियोजना भारत के रेलवे इतिहास में मील का पत्थर साबित होगी और देश में आधुनिक परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देगी।