Ad Image
Ad Image

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

पुतिन ने भारत यात्रा पर मोदी का किया धन्यवाद

विदेश डेस्क, ऋषि राज |

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ विस्तृत बैठक के दौरान भारत द्वारा दिए गए गर्मजोशी भरे निमंत्रण के लिए आभार व्यक्त किया। पुतिन ने कहा कि भारत की इस यात्रा से रूस-भारत संबंधों में नई ऊर्जा आएगी और यह मुलाकात दोनों देशों के रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम होगी।

बैठक की शुरुआत में पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को संबोधित करते हुए कहा,“प्रिय प्रधानमंत्री, प्रिय मित्रों, सबसे पहले, निमंत्रण और कल की बहुत अच्छी शाम के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।”
उनके इस बयान ने दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे भरोसे और मित्रता को एक बार फिर रेखांकित किया।

यूक्रेन मुद्दे, वैश्विक भू-राजनीति और क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा

यूक्रेन संघर्ष पर शांतिपूर्ण समाधान के प्रति रूस की प्रतिबद्धता दोहराते हुए पुतिन ने बताया कि भारत विश्व मंच पर एक संतुलित देश के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की कूटनीतिक समझ और वैश्विक स्थिरता में योगदान सराहनीय है।

प्रधानमंत्री मोदी ने रूस और अमेरिका के बीच हालिया वार्ताओं और कूटनीतिक प्रयासों के बारे में पुतिन को जानकारी दी। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि यूक्रेन जैसे संकटों का समाधान बातचीत और कूटनीति के रास्ते से ही संभव है।

रक्षा और ऊर्जा सहयोग पर बने महत्वपूर्ण समझौते

सूत्रों के अनुसार बैठक में रक्षा सहयोग से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी। इनमें शामिल हैं:

  • लॉजिस्टिक सपोर्ट एग्रीमेंट (LSE) को आगे बढ़ाने पर सकारात्मक संकेत
  • सैन्य अभ्यासों की आवृत्ति बढ़ाने पर चर्चा
  • ब्रह्मोस मिसाइल, एयर डिफेंस सिस्टम और ज्वाइंट प्रॉडक्शन प्रोजेक्ट पर समीक्षा
  • रूसी निर्मित लड़ाकू विमानों और उपकरणों के रखरखाव एवं अपग्रेड पर सहमति

इसके अतिरिक्त, ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में भी कई समझौते हुए—विशेष रूप से रूस से क्रूड ऑयल, गैस और न्यूक्लियर ऊर्जा सहयोग को बढ़ाने के लिए नई कार्ययोजना पर बात हुई। दोनों देशों ने दीर्घकालिक LNG सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट पर भी आगे बढ़ने का संकेत दिया।

यात्रा का भू-राजनीतिक महत्व

यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पुतिन की पहली भारत यात्रा है। ऐसे समय में यह बैठक हो रही है जब वैश्विक राजनीति तेज़ी से बदल रही है। रूस पश्चिमी प्रतिबंधों का सामना कर रहा है, जबकि भारत संतुलित विदेश नीति के जरिए रूस और अमेरिका दोनों के साथ अपने संबंधों को मजबूती दे रहा है।

भारत रूस से सबसे बड़ा तेल और रक्षा उपकरण खरीदार बना हुआ है। रूस भारत को S-400 एयर डिफेंस सिस्टम से लेकर स्पेयर पार्ट्स तक कई महत्वपूर्ण रक्षा सामग्रियों की आपूर्ति करता है। ऊर्जा सहयोग के क्षेत्र में भी रूस भारत का प्रमुख रणनीतिक साझेदार है।

दोनों देशों ने भविष्य की दिशा तय की

बैठक के अंत में दोनों नेताओं ने कहा कि भारत और रूस की साझेदारी आने वाले वर्षों में और मज़बूत होगी—विशेष रूप से रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, व्यापार और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में।