विदेश डेस्क, ऋषि राज |
मॉस्को: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एक सनसनीखेज घटना ने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आधिकारिक आवास को निशाना बनाकर किए गए बड़े ड्रोन हमले ने देश की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रूसी अधिकारियों के अनुसार, विस्फोटकों से लैस कुल 91 ड्रोन के जरिए यह हमला किया गया, जिनमें से कई को वायु रक्षा प्रणाली ने मार गिराया, जबकि कुछ ड्रोन राष्ट्रपति आवास के आसपास तक पहुंचने में सफल रहे।
रूस के विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह हमला यूक्रेन समर्थित ताकतों द्वारा किया गया माना जा रहा है। हालांकि, यूक्रेन की ओर से आधिकारिक तौर पर अभी तक इस पर कोई सीधी जिम्मेदारी नहीं ली गई है। रूसी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति पुतिन पूरी तरह सुरक्षित हैं और हमले के समय वे किसी सुरक्षित स्थान पर मौजूद थे।
हमले के बाद मॉस्को और आसपास के इलाकों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। राजधानी के प्रमुख सरकारी भवनों, सैन्य ठिकानों और राष्ट्रपति आवास की सुरक्षा कई गुना बढ़ा दी गई है। वायु रक्षा प्रणालियों को सक्रिय रखते हुए आसमान में लगातार निगरानी की जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सरकारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि यह अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला था, जिसका उद्देश्य न केवल सैन्य बल्कि राजनीतिक और मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना था। मंत्रालय के अनुसार, अधिकतर ड्रोन को समय रहते नष्ट कर दिया गया, जिससे बड़े नुकसान से बचाव हो सका। कुछ इलाकों में विस्फोटों की आवाजें जरूर सुनी गईं, लेकिन किसी बड़े जानमाल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
इस हमले के बाद रूस-यूक्रेन संघर्ष के और अधिक भड़कने की आशंका जताई जा रही है। विश्लेषकों का मानना है कि राष्ट्रपति आवास को निशाना बनाना युद्ध को एक नई और खतरनाक दिशा में ले जा सकता है। रूस ने चेतावनी दी है कि इस हमले का “उचित और कठोर जवाब” दिया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस घटना को लेकर चिंता जताई जा रही है। कई देशों ने संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान की अपील की है। हालांकि, मौजूदा हालात को देखते हुए यह साफ है कि रूस-यूक्रेन युद्ध अब और ज्यादा उग्र और अप्रत्याशित मोड़ ले सकता है।







