लोकल डेस्क, एन. के. सिंह।
केन्द्रीय प्रभारी पदाधिकारी नीरज कुमार ने केसरिया और कल्याणपुर में विकास की गति तेज करने के दिए निर्देश
पूर्वी चम्पारण: नीति आयोग के आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम (ABP) के तहत चयनित प्रखंडों को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में नीरज कुमार, IRS (IT), केन्द्रीय प्रभारी पदाधिकारी-सह-निदेशक, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में केसरिया और कल्याणपुर प्रखंडों की प्रगति का बारीकी से विश्लेषण किया गया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
विकास के 5 मुख्य स्तंभों पर फोकस
बैठक के दौरान जिले और प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों के साथ कुल 40 विकास संकेतकों पर गहन चर्चा हुई। इन संकेतकों को 5 प्रमुख थीम में बांटा गया है:
- स्वास्थ्य एवं पोषण: मातृ स्वास्थ्य और बच्चों के पोषण स्तर में सुधार।
- शिक्षा: स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर।
- कृषि एवं संबद्ध सेवाएं: किसानों की आय वृद्धि और सिंचाई सुविधाओं का विस्तार।
- आधारभूत संरचना: सड़क, पेयजल और अन्य बुनियादी ढांचे का विकास।
- सामाजिक विकास: जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना।
डेटा और प्रदर्शन पर विशेष निर्देश
केन्द्रीय प्रभारी पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी संबंधित पदाधिकारी समय पर आंकड़ों की प्रविष्टि (Data Entry) सुनिश्चित करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिन क्षेत्रों में प्रगति राज्य या केंद्र के औसत से कम है, वहां मिशन मोड में काम कर सुधार लाया जाए। "हमारा लक्ष्य है कि आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के माध्यम से पिछड़े प्रखंडों को विकास के हर पैमाने पर अग्रणी बनाया जाए।" - नीरज कुमार, केन्द्रीय प्रभारी पदाधिकारी
क्षेत्रीय निरीक्षण से जमीनी हकीकत का जायजा
विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए केन्द्रीय प्रभारी पदाधिकारी सक्रिय रूप से क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं:
- 22 दिसंबर: कल्याणपुर प्रखंड का गहन निरीक्षण किया गया, जहाँ समस्याओं के तत्काल निराकरण हेतु अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए गए।
- 23 दिसंबर: केसरिया प्रखंड का निरीक्षण प्रस्तावित है, जहाँ विकास योजनाओं की प्रगति की जांच की जाएगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला पदाधिकारी श्री सौरभ जोरवाल, उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार सहित जिला एवं प्रखंड स्तर के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। प्रशासन का पूरा ध्यान अब इन प्रखंडों में बुनियादी बदलाव लाकर स्थानीय जनता के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने पर केंद्रित है।







