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बंजरिया में एसपी स्वर्ण प्रभात का जनता दरबार

लोकल डेस्क, एन के सिंह।

खाकी का मानवीय चेहरा: अब गांव-चौपाल पर ही हो रहा न्याय, एसपी की सख्ती से पुलिस महकमे में हड़कंप। फरियादियों की उमड़ी भीड़,लापरवाह पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज: कुड़वाचैनपुर थानाध्यक्ष सस्पेंड।

पूर्वी चम्पारण: मोतिहारी शहर के बंजरिया थाना परिसर में आयोजित जनता दरबार में दिखा मिशन 'न्याय': "दोषी बचेगा नहीं और निर्दोष फंसेगा नहीं" एसपी का कड़ा संदेश।पुलिस की कार्यशैली को लेकर अक्सर आम जनता के मन में एक दूरी बनी रहती है, लेकिन अब यह दूरी विश्वास में बदलती नजर आ रही है। पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात की अनूठी पहल ने न्याय की उम्मीद जगाई है। बंजरिया थाना अंतर्गत आयोजित जनसभा में जब जिले के कप्तान खुद जनता के बीच पहुंचे, तो मानों लोगों को अपना दुख साझा करने का एक मजबूत कंधा मिल गया।

दहलीज पर न्याय: दफ्तर नहीं, अब गांव आ रही पुलिस

जनता दरबार को संबोधित करते हुए एसपी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस का प्रथम दायित्व जनता की समस्याओं का समयबद्ध और सही निदान करना है। उन्होंने कहा, "अब जनता को हमारे कार्यालय के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है, बल्कि हम खुद उनके गांवों तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे।" इस पहल से न केवल पुलिस पर जनता का भरोसा बढ़ा है, बल्कि अपराधियों में खौफ पैदा हुआ है।

"अपराध करने वाला किसी भी सूरत में नहीं बचेगा, और कानून किसी निर्दोष को दंडित करने की इजाजत नहीं देता। हम उन अधिकारियों को चिन्हित कर रहे हैं जो जांच में निष्पक्षता नहीं बरतते।" स्वर्ण प्रभात, पुलिस अधीक्षक
 
लापरवाही पर 'जीरो टॉलरेंस': थानाध्यक्ष निलंबित

यह जनसुनवाई महज एक औपचारिक संवाद नहीं थी, बल्कि इसका सीधा असर भी देखने को मिला। अनुशासन और निष्पक्षता की मिसाल पेश करते हुए एसपी ने कुड़वाचैनपुर थानाध्यक्ष को अनुसंधान में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। इस कार्रवाई ने पूरे जिले के पुलिस महकमे को यह कड़ा संदेश दिया है कि जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बदल रही है पुलिस की छवि

आयोजित जनसुनवाई में बड़ी संख्या में आए फरियादियों ने अपनी जमीन, आपसी विवाद और आपराधिक मामलों की शिकायतें रखीं। एसपी ने एक-एक कर सभी आवेदनों को सुना और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही समय सीमा के भीतर कार्रवाई का निर्देश दिया। जनता में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि अब पुलिस की कार्यप्रणाली पारदर्शी हो रही है और 'न्याय' अब रसूखदारों की जागीर नहीं रहा।

जनता और पुलिस के बीच यह सीधा संवाद जिले में अपराध नियंत्रण और शांति व्यवस्था बनाए रखने में मील का पत्थर साबित हो रहा है। एसपी की इस सक्रियता से न केवल पीड़ितों को न्याय मिल रहा है, बल्कि पुलिस की नैतिक जिम्मेदारी और कार्यकुशलता भी नए पायदान पर पहुंच रही है।