विदेश डेस्क, ऋषि राज |
श्रीलंका में हाल ही में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद उत्पन्न मानवीय संकट को देखते हुए चीन ने आर्थिक मदद का हाथ बढ़ाया है। चीन सरकार ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए श्रीलंका को दस लाख अमेरिकी डॉलर की आपात सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। यह सहायता चीन की ओर से त्वरित मानवीय समर्थन के रूप में उपलब्ध कराई जा रही है।
श्रीलंका के कई हिस्सों में भारी वर्षा, बाढ़ और भूस्खलन के कारण पिछले दिनों व्यापक तबाही हुई थी। हजारों लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े, कई क्षेत्रों में सड़कें, पुल और विद्युत संरचनाएँ क्षतिग्रस्त हो गईं। श्रीलंका में विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन में रविवार तक 334 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 370 लोग लापता हैं।राहत एजेंसियों और सरकारी विभागों के सामने तत्काल पुनर्वास एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा। ऐसे कठिन समय में चीन की यह आर्थिक सहायता श्रीलंका के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
चीनी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि चीन एक “विश्वसनीय और जिम्मेदार साझेदार” के रूप में संकट के समय श्रीलंका के साथ खड़ा है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि राहत राशि का उपयोग प्रभावित परिवारों को भोजन, दवाइयाँ, अस्थायी आश्रय और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने में किया जाएगा। साथ ही, चीन ने भविष्य में भी आवश्यक वित्तीय और तकनीकी सहायता जारी रखने का आश्वासन दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह सहायता दक्षिण एशिया में चीन की कूटनीतिक सक्रियता का हिस्सा भी है, जहाँ वह आर्थिक सहयोग और मानवीय मदद के माध्यम से अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है। श्रीलंका चीन का एक महत्वपूर्ण साझेदार देश रहा है, और दोनों देशों के बीच कई बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट जारी हैं।
श्रीलंका सरकार ने चीन की इस त्वरित सहायता के लिए आभार जताया है। कोलंबो के अधिकारियों का कहना है कि चीन की ओर से मिली यह मदद राहत एवं पुनर्निर्माण कार्यों को तेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। श्रीलंका इस समय गंभीर आर्थिक संकट और प्राकृतिक आपदाओं के दोहरे दबाव से गुजर रहा है, ऐसे में अंतरराष्ट्रीय समर्थन उसकी जरूरतों को पूरा करने में अहम साबित हो रहा है।
मानवीय संगठनों का कहना है कि श्रीलंका की मौजूदा स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है और आगे भी बड़े स्तर पर सहायता की आवश्यकता पड़ेगी। बाढ़ प्रभावित इलाकों में साफ पानी, चिकित्सा सुविधाओं और अस्थायी आवास की कमी अब भी चुनौती बनी हुई है।
कुल मिलाकर, चीन द्वारा दी गई यह सहायता श्रीलंका में राहत प्रयासों को मजबूती देने के साथ-साथ दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ करने का संकेत भी है।







