एंटरटेनमेंट डेस्क, मुस्कान कुमारी |
मुंबई: टीवी स्टार गौरव खन्ना ने बिग बॉस 19 का खिताब जीत लिया। सलमान खान होस्टेड फिनाले में उन्होंने फरहाना भट्ट को हराकर 50 लाख रुपये नकद, ट्रॉफी और कार पर कब्जा जमाया।
शांत खेल से सनसनीखेज जीत, दर्शकों ने किया सलाम
तीन महीने के तनावपूर्ण सफर के बाद रविवार रात मुंबई के स्टूडियो में आयोजित ग्रैंड फिनाले ने दर्शकों को बांधे रखा। टॉप 5 फाइनलिस्ट्स—गौरव खन्ना, फरहाना भट्ट, तन्या मित्तल, अमाल मलिक और प्रणीत मोरे—के बीच कांटे की टक्कर चली। अमाल को सबसे पहले बाहर होना पड़ा, उसके बाद तन्या और प्रणीत। आखिरी मुकाबले में गौरव ने फरहाना को मात देकर इतिहास रच दिया।
यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि गौरव के धैर्य और गरिमा की मिसाल है। घर में हंगामे के बीच उन्होंने कभी चिल्लाने या झगड़ने का सहारा नहीं लिया। बल्कि, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और संयम से उन्होंने दर्शकों का दिल जीत लिया। सलमान खान ने उन्हें 'टीवी का सुपरस्टार' और 'ग्रीन फ्लैग एम्बेसडर' तक कहा, जो उनके दो दशकों के संघर्ष को सम्मान देता है।
फिनाले की रौनक में सलमान के अलावा करण कुंद्रा, सनी लियोन जैसे सेलेब्स ने धमाल मचाया। प्रोमोशनल परफॉर्मेंसेज और इमोशनल थ्रोबैक्स ने माहौल को और गर्म कर दिया। जियो हॉटस्टार पर लाइव वोटिंग से गौरव को लाखों वोट मिले, जो उनकी लोकप्रियता का प्रमाण है।
टिकट टू फिनाले से सलमान का साथ, ऐसे बने गेम चेंजर
गौरव का सफर 24 अगस्त को 16 कंटेस्टेंट्स के साथ शुरू हुआ। वाइल्डकार्ड एंट्री के बाद कुल 18 प्रतियोगी मैदान में उतरे। शुरुआती हफ्तों में घर की कलह ने कई को तोड़ा, लेकिन गौरव अडिग रहे।
एक अहम मोड़ आया 'टिकट टू फिनाले' टास्क में। कंधों पर भारी पानी के कटोरे संतुलित करते हुए फरहाना, प्रणीत और आश्नूर के साथ मुकाबला किया। दबाव में बाकी हार मान गए, लेकिन गौरव की दृढ़ता ने उन्हें इम्यूनिटी दिलाई। यह पल उन्हें सीरियस कंटेंडर के रूप में चमकाया।
सलमान का समर्थन उनकी सबसे बड़ी ताकत बना। एक वीकेंड एपिसोड में करियर पर तंज कसने वालों को खारिज करते हुए सलमान ने कहा, "गौरव ने 20 साल टीवी में कड़ी मेहनत की है। उनकी चुप्पी ही उनकी ताकत है।" यह क्षण न सिर्फ गौरव को वैलिडेट किया, बल्कि दर्शकों में उनके लिए सहानुभूति पैदा की। फराह खान ने भी फिनाले में उन्हें मजबूत दावेदार बताया।
घर के अंदर गौरव को अक्सर 'पैसिव' कहा गया, लेकिन यह रणनीति थी। वे ज्यादा देखते, कम बोलते। कैप्टेंसी टास्क या नेपोटिज्म बहस में जब आवाज बुलंद की, तो वह सम्मानजनक और ठोस थी। बिना चीखे-चिल्लाए पॉइंट बनाना उन्होंने सिखाया।
दोस्ती की मिसालें, निजी फैसलों पर ईमानदारी
गौरव की दोस्तियां घर की हलचल में चमकी। प्रणीत मोरे और मृदुल तिवारी के साथ उनका रिश्ता सच्चा था। कैमरों के आगे दिखावा नहीं, बल्कि असली भावनात्मक सहारा दिया। कमजोर पलों में वे खड़े रहे, जो उनकी देखभाल करने वाली छवि को मजबूत बनाता है।
निजी जिंदगी पर सवालों का सामना भी उन्होंने गरिमा से किया। बच्चों न करने के फैसले पर खुलकर बोले, पत्नी के साथ साझा चुनाव को प्राथमिकता दी। इससे दर्शकों में सहानुभूति बढ़ी। एक इंटरव्यू में गौरव ने कहा, "यह जीत मेरे फैंस और हर साधारण मेहनती इंसान को समर्पित है।"
फिक्स्ड विजेता के आरोपों पर गौरव ने पलटवार किया। "मैंने अपनी शर्तों पर खेला। बिना गाली-गलौज के जीतना प्रेरणा है," उन्होंने कहा। सोशल मीडिया पर फैंस ने उनका साथ दिया, ट्रेंडिंग हैशटैग #GKWinner ने लाखों पोस्ट्स देखे।
सोशल मीडिया पर धूम, टीम का इमोशनल नोट
जीत के बाद गौरव की टीम ने इंस्टाग्राम पर लंबा पोस्ट शेयर किया। "तीन महीने का सफर खत्म। ट्रॉफी घर लाए जीके ने। हर हाई-लो, ताकत और गरिमा के पल हमने साथ जिए। यह जीत सबकी है—जिन्होंने वोट किया, सपना साझा किया। आस्था, प्यार और एकजुटता का जश्न। धन्यवाद।" फैंस ने कमेंट्स में बधाईयों की बौछार की।
बिग बॉस 19 ने ड्रामा, दोस्ती और ट्विस्ट्स से भरपूर रहा। गौरव की शांत क्रांति ने साबित किया कि शोर के बिना भी जीता जा सकता है। सेलेब्स जैसे ईशा मालवीय ने कहा, "गरिमा, सम्मान और ईमानदारी से खेलने वाले को जीत मिलनी ही थी।"







