बाल-विवाह के खिलाफ जनजागरण : सामुदायिक प्रहरी सेवा केन्द्र छपकैया द्वारा प्रभावी कार्यक्रम सम्पन्न
सामुदायिक प्रहरी साझेदारी कार्यक्रम अन्तर्गत सामुदायिक प्रहरी सेवा केन्द्र छपकैया–2 की पहल पर बिरगंज महानगरपालिका के एम.ई.एस. सेकेंडरी स्कूल में कक्षा 10 के विद्यार्थियों को लक्षित कर बाल-विवाह सम्बन्धी जनजागरूकता कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सामुदायिक प्रहरी सेवा केन्द्र छपकैयाका अध्यक्ष गैसुदिन ठकुराई ने की। स्कूल के निर्देशक सामुदिन अहमद की विशेष उपस्थिति रही, जबकि प्रमुख अतिथि के रूप में जिला प्रहरी कार्यालय पर्सा के निरीक्षक एकनाथ भट्टराई ने कार्यक्रम में सहभागिता जनाई।
प्रमुख अतिथि निरीक्षक भट्टराई ने बाल-विवाह को अपराध तथा भयंकर सामाजिक बुराई बतातेहुए विद्यार्थियों को सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा बाल-विवाह केवल कानूनी मुद्दा नहीं, यह जीवनभर असर डालने वाली गंभीर सामाजिक समस्या है। शिक्षा, जागरूकता और परिवार का सही मार्गदर्शन ही इसके उन्मूलन में मुख्य भूमिका निभा सकता है। प्रहरी समुदाय के साथ मिलकर बाल-विवाह रोकथाम के लिए निरंतर सक्रिय है।
उन्होंने बताया कि कम उम्र में विवाह होने से बच्चियों और बच्चों दोनों के स्वास्थ्य, पढ़ाई, मानसिक स्थिति और भविष्य पर गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। विद्यार्थियों से उन्होंने “खुद जागरूक बनें और दूसरों को भी जागरूक करें” का संदेश दिया।
कार्यक्रम में सामुदायिक प्रहरी सेवा केन्द्र छपकैया के पदाधिकारी, स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाएं, प्रहरीकर्मी तथा कक्षा 10 के विद्यार्थियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। सेवा केन्द्र के प्रतिनिधियों और शिक्षकों ने बाल-विवाह के खतरे, कानूनी प्रावधान, रोकथाम के उपाय तथा अभिभावक और विद्यार्थियों की भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी।विद्यार्थियों ने भी बाल-विवाह के विरुद्ध अपने प्रश्न, जिज्ञासाएं और सुझाव रखकर सक्रिय सहभागिता दिखाई।
कार्यक्रम का उद्देश्य था किशोर-किशोरियों को बाल-विवाह के जोखिमों से अवगत कराना छात्रों को कानूनी प्रावधान और आधुनिक समाज में बाल-विवाह के प्रभाव के बारे में जागरूक बनानाविद्यालय और समुदाय स्तर पर प्रहरी–जनता साझेदारी को मजबूत करना आयोजकों का विश्वास है कि यह जनचेतनात्मक पहल विद्यार्थियों में सकारात्मक संदेश डालते हुए बाल-विवाह रोकथाम में महत्वपूर्ण योगदान देगी।







