विदेश डेस्क, ऋषि राज
नई दिल्ली: भारत और ओमान के बीच आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाई देते हुए दोनों देशों ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) यानी व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर औपचारिक रूप से मुहर लगा दी है। इस ऐतिहासिक समझौते के तहत भारत से ओमान को निर्यात होने वाले 98 प्रतिशत सामान को ड्यूटी-फ्री (शुल्क मुक्त) पहुंच मिलेगी। इसे भारत के लिए मध्य पूर्व में व्यापार विस्तार की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को ओमान की आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे थे। यह उनकी तीन देशों—जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान—की यात्रा का अंतिम चरण था। मस्कट में आयोजित इंडिया-ओमान बिज़नेस फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक साझेदारी को नई दिशा और गति देगा। उन्होंने कहा कि भारत और ओमान के रिश्ते केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि साझा संस्कृति, विश्वास और सहयोग पर आधारित हैं।
एफटीए के तहत भारतीय निर्यातकों को टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग गुड्स और कृषि उत्पादों जैसे क्षेत्रों में बड़ा लाभ मिलेगा। वहीं ओमान को भी भारत के विशाल बाजार तक बेहतर पहुंच प्राप्त होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार में आने वाले वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
इस अवसर पर ओमान सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से भी सम्मानित किया। यह सम्मान भारत-ओमान संबंधों को मजबूत करने और वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका को सशक्त करने में प्रधानमंत्री मोदी के योगदान के लिए दिया गया। सम्मान मिलने पर प्रधानमंत्री मोदी ने इसे भारत के 140 करोड़ नागरिकों और दोनों देशों की सदियों पुरानी मित्रता को समर्पित किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि भारत की “मेक इन इंडिया” और “विकसित भारत” जैसी पहलें ओमान के निवेशकों के लिए नए अवसर खोल रही हैं। उन्होंने ओमान की कंपनियों को भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश के लिए आमंत्रित किया।
कुल मिलाकर, यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट न केवल भारत और ओमान के व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करेगा, बल्कि दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को भी नई मजबूती प्रदान करेगा।







