विदेश डेस्क, ऋषि राज
सिडनी। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में हुए आतंकी हमले को लेकर जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि हमले के आरोपी ने घर से निकलते समय परिजनों से यह कहा था कि वह मछली पकड़ने जा रहा है, लेकिन हकीकत में वह सिडनी में बड़े आतंकी हमले की साजिश रच रहा था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी पाकिस्तानी मूल का युवक है, जो पहले से ही ऑस्ट्रेलियाई खुफिया एजेंसियों के रडार पर था। हमले से पहले उसने अपने परिवार को गुमराह करने के लिए सामान्य दिनचर्या का बहाना बनाया, ताकि किसी को शक न हो। आरोपी ने यह भी सुनिश्चित किया कि उसकी गतिविधियां सामान्य दिखें और वह किसी भी तरह का संदेह न पैदा करे।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी अपने पिता के साथ इस हमले की साजिश में शामिल था। हमला सिडनी के बोंडी बीच इलाके में उस समय किया गया, जब वहां यहूदी समुदाय के लोग धार्मिक आयोजन में शामिल थे। अचानक हुई गोलीबारी से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस हमले में कई लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों घायल हुए।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी की कार से हथियार और प्रतिबंधित आतंकी संगठन आईएसआईएस से जुड़े झंडे भी बरामद हुए हैं। इससे यह साफ हो गया है कि हमला सुनियोजित था और इसके पीछे कट्टरपंथी विचारधारा काम कर रही थी। खुफिया एजेंसियों ने पुष्टि की है कि आरोपी का नाम पहले भी आईएसआईएस से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क में सामने आ चुका था।
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि देश में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और गन कानूनों को और सख्त करने के संकेत दिए। वहीं, पुलिस और खुफिया एजेंसियां यह जांच कर रही हैं कि हमलावरों को हथियार कैसे मिले और क्या इस साजिश में कोई और लोग भी शामिल थे।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि आतंकी किस तरह सामान्य जीवन का दिखावा कर समाज के बीच रहते हुए बड़ी साजिशों को अंजाम देते हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि भविष्य में ऐसे हमलों को रोका जा सके।







