नेशनल डेस्क, श्रेया पाण्डेय
पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री अरूप बिस्वास ने दिग्गज फुटबॉल खिलाड़ी लियोनेल मेसी के कोलकाता दौरे के दौरान विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन (सॉल्ट लेक स्टेडियम) में हुई भारी अराजकता और कुप्रबंधन के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हस्तलिखित पत्र सौंपकर खेल मंत्रालय की जिम्मेदारियों से मुक्त करने का अनुरोध किया, जिसे मुख्यमंत्री ने स्वीकार कर लिया। यह कदम 13 दिसंबर, 2025 को हुए 'GOAT इंडिया टूर 2025' कार्यक्रम में मचे हंगामे के बाद उठाया गया है, जिसने राज्य की राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर किरकिरी कराई।
मेसी के आगमन को लेकर कोलकाता में जबरदस्त उत्साह था। हजारों फुटबॉल प्रेमी, जिनमें से कई ने महंगे टिकट खरीदे थे और कुछ तो अपनी शादी या हनीमून तक को छोड़कर मेसी की एक झलक पाने के लिए पहुंचे थे, स्टेडियम में जमा हुए थे। हालांकि, कार्यक्रम शुरू होने के कुछ ही देर बाद अव्यवस्था फैल गई। प्रशंसकों का आरोप है कि मेसी मैदान पर केवल 10 से 15 मिनट के लिए ही आए और इस दौरान भी उन्हें नेताओं, अभिनेताओं और वीआईपी लोगों की भीड़ ने घेर रखा था। आम दर्शक मेसी को ठीक से देख भी नहीं पाए, जिससे उनका गुस्सा भड़क उठा।
इस कुप्रबंधन और निराशा ने जल्द ही अराजकता का रूप ले लिया। गुस्साए प्रशंसकों ने स्टेडियम में तोड़फोड़ की, बोतलें फेंकी और गेट तोड़ने की कोशिश की। कई फैंस ने इसे धोखा बताते हुए टिकट के पैसे वापस करने की मांग की। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया और तुरंत ही जांच के आदेश दिए। उन्होंने सेवानिवृत्त न्यायाधीश असीम कुमार रे की अध्यक्षता में एक जाँच समिति का गठन किया, जिसने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में 'गंभीर प्रक्रियात्मक उल्लंघन' का हवाला दिया और मामले की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) के गठन की सिफारिश की।
जांच और इस्तीफे की श्रृंखला इसी विवाद का परिणाम है। अरूप बिस्वास ने अपने इस्तीफे में कहा कि वह घटना की "स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच" सुनिश्चित करने के लिए पद छोड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी और पार्टी के प्रभावशाली नेता माने जाने वाले बिस्वास का यह इस्तीफा इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस अगले साल होने वाले चुनावों से पहले किसी भी तरह की किरकिरी को दूर करने के लिए कड़ी कार्रवाई कर रही है। खेल मंत्री के इस्तीफे के अलावा, राज्य सरकार ने पुलिस महानिदेशक (DGP) और विधाननगर पुलिस आयुक्त (CP) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जबकि बिधाननगर के पुलिस उपायुक्त (DCP) को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, स्टेडियम के सीईओ की सेवाएं भी तत्काल प्रभाव से वापस ले ली गई हैं। इस घटना ने एक बार फिर बड़े सार्वजनिक आयोजनों के प्रबंधन और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।







