लोकल डेस्क, नीतीश कुमार |
भारत सरकार के वित्त मंत्रालय, भारतीय रिज़र्व बैंक और राष्ट्रीय अभियान ‘आपकी पूंजी, आपका अधिकार’ के अंतर्गत पूर्वी चंपारण में समाहरणालय परिसर स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद सभागार में यह शिविर आयोजित हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न बैंकों में निष्क्रिय पड़े 3,49,049 खातों में जमा 96.86 करोड़ रुपये को उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाना है।
SBI में सबसे अधिक राशि जमा
ये वे खाते हैं जिनमें पिछले दस वर्षों से कोई लेन-देन नहीं हुआ है और जिनकी राशि बिना दावा किए पड़ी है। जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक 42.54 करोड़ रुपये भारतीय स्टेट बैंक की शाखाओं में निष्क्रिय खातों में हैं, जबकि सबसे अधिक 1,33,872 निष्क्रिय खाते बिहार ग्रामीण बैंक के हैं।
केंद्र सरकार की पहल के तहत अब बैंक ऐसे खाताधारकों या उनके परिजनों का पता लगाकर पैसा लौटाएंगे। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने नागरिकों, बैंक प्रतिनिधियों और ग्राहकों से अपील की कि इस अभियान को व्यापक रूप से प्रसारित करें ताकि अधिक से अधिक निष्क्रिय खातों की राशि वापस मिल सके। उन्होंने सभी बैंकों को जिला बैंकिंग प्रभारी के साथ पूर्ण समन्वय में काम करने का निर्देश दिया।
नगर आयुक्त ने पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया
विधायक प्रमोद कुमार ने नगर आयुक्त के माध्यम से खाताधारियों की पहचान प्रक्रिया को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया, जिस पर नगर आयुक्त ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में सेंट्रल बैंक के क्षेत्रीय प्रमुख, एसबीआई के डीजीएम, आरबीआई प्रतिनिधि और सांसदों के प्रतिनिधियों ने अभियान पर विस्तार से चर्चा की और केंद्र सरकार की पहल की प्रशंसा की। शिविर में उपस्थित लोगों को बताया गया कि यह विशेष अभियान देशभर में नागरिकों को सरल प्रक्रिया द्वारा दावा प्रस्तुत कर अपनी राशि वापस प्राप्त करने का अवसर उपलब्ध करा रहा है। इस अभियान का लक्ष्य वित्तीय जागरूकता, पारदर्शी निपटान, केवाईसी अपडेट, सक्रिय खाता संचालन और उचित नामांकन जैसी आदतों को बढ़ावा देना है।
इस अवसर पर भारत सरकार द्वारा जारी 7.30 मिनट का जानकारीपूर्ण वीडियो दिखाया गया और अभियान पर आधारित एक बुकलेट का विमोचन भी किया गया। जिलाधिकारी ने इसे अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इसे जिला प्रशासन के माध्यम से व्यापक रूप से वितरित किया जाएगा।
अंत में अग्रणी जिला प्रबंधक राजेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक चलने वाले इस अभियान में दावा प्रक्रिया सरल और पारदर्शी रखी गई है। बैंक अपने सीएसपी, बीसी और आरबीआई के सीएफएल के माध्यम से इस कार्य में सहयोग करेंगे।







