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मोतिहारी: SP की 'ऐतिहासिक' पहल, फेनहारा थाने में जनता दरबार

लोकल डेस्क, एन. के. सिंह।

न्याय की उम्मीद लेकर उमड़ा जनसैलाब। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में पहली बार थाना में हुआ जनता दरबार का आयोजन, जेडीयू सिकटा विधानसभा प्रभारी अकिलूरहमान ने SP को किया सम्मानित

मोतिहारी: पूर्वी चंपारण जिले के सर्वाधिक नक्सल प्रभावित क्षेत्र फेनहारा थाने में  जनता के बीच की दूरियों को पाटकर न्याय को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की दिशा में  पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने एक नई इबारत लिखी है। सोमवार को फेनहारा थाना परिसर एक ऐतिहासिक पल का गवाह बना, जब थाने की स्थापना के बाद पहली बार किसी जिले के कप्तान ने स्वयं वहाँ जनता दरबार लगाकर लोगों की फरियाद सुनी।

ग्राउंड जीरो पर न्याय: थाने में ही हुआ समस्याओं का 'ऑन द स्पॉट' समाधान

एसपी स्वर्ण प्रभात की इस जनसुनवाई में फरियादियों की भारी भीड़ उमड़ी। लोग अपनी बरसों पुरानी जमीन संबंधी समस्याओं, आपसी विवादों और पुलिस केस से जुड़ी शिकायतों को लेकर पहुंचे थे। एसपी ने न केवल लोगों की बातें धैर्यपूर्वक सुनीं, बल्कि संबंधित अधिकारियों को त्वरित निष्पादन (Quick Resolution) के निर्देश भी दिए।

"पुलिस आपके परिवार का हिस्सा है। अगर आप बिना किसी डर और बिना किसी को फंसाए अपनी बात रखेंगे, तो न्याय मिलना तय है।": स्वर्ण प्रभात, पुलिस अधीक्षक (मोतिहारी)

प्रमुख हाईलाइट्स: एसपी की दो टूक बातें

  • निर्दोषों को न फंसाएं: एसपी ने चिंता जताते हुए कहा कि छोटी घटनाओं में भी लोग कई बार निर्दोषों का नाम प्राथमिकी में डाल देते हैं। इससे पुलिस अनुसंधान (Investigation) प्रभावित होता है और असली अपराधी बच निकलते हैं।
  • संयम और निष्पक्षता: उन्होंने जनता से अपील की कि पुलिस के समक्ष अपनी बातें निष्पक्षता और धैर्य के साथ रखें ताकि जांच सही दिशा में जा सके।

एसपी ने स्पष्ट संदेश दिया कि यदि पुलिस स्तर पर कोई लापरवाही या गलती होती है, तो दोषी पुलिसकर्मियों पर भी कठोर कार्रवाई का प्रावधान है।

फेनहारा के इतिहास में पहली बार: ग्रामीणों ने किया भव्य सम्मान

फेनहारा थाना बनने के बाद यह पहला मौका था जब जिले के शीर्ष पुलिस अधिकारी ने खुद आकर जनता के बीच बैठकर उनकी पीड़ा सुनी। इस ऐतिहासिक पहल से अभिभूत होकर ग्रामीणों ने एसपी स्वर्ण प्रभात का भव्य अभिनंदन और सम्मान किया। सिकटा विधानसभा क्षेत्र के जदयू प्रभारी मोहम्मद अकिलूर रहमान ने कहा  कि अब उन्हें छोटे-छोटे कामों के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

मौके पर मौजूद रहे आला अधिकारी

इस विशेष जनता दरबार के दौरान एसपी के साथ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कुमार चंदन, पुलिस निरीक्षक अनिल कुमार सिन्हा और थाना प्रभारी नीलम कुमारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि स्थानीय स्तर पर ही समस्याओं का समाधान इस प्रकार किया जाए कि जनता का भरोसा पुलिस प्रणाली पर और मजबूत हो सके।

एसपी का यह 'जनता दरबार' मॉडल केवल शिकायत सुनने का जरिया नहीं, बल्कि पुलिस की कार्यशैली को पारदर्शी बनाने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। "पुलिस पर बढ़ता भरोसा" और "त्वरित न्याय" ही इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि है।